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कागजों में रखे कूड़ादान, सड़कों के किनारे अंबार

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शहर के पटेल पार्क के पास लगा कूड़े का ढेर। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी स्वच्छता के प्रति बेपरवाह हैं। ये शहर में रखने के लिए कूड़ेदानों की खरीद कागजों में करते हैं। इसके बाद कूड़ेदान शहर में रखे भी जाते हैं लेकिन दिखाई कहीं नहीं देते।
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इसी का नतीजा है कि हर मोहल्ले, चौराहों, तिराहों, गलियों और सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे मिल जाएंगे। लापरवाही इतनी कि यह कूड़ा समय पर उठाया तक नहीं जाता। ऐसे में अन्ना जानवर आने-जाने वालों के लिए खतरनाक साबित होते हैं।
सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत साफ-सफाई पर काफी धनराशि खर्च कर रही है। पालिका के रिकार्ड में शहर के करीब 70 स्थानों पर बड़े कूड़ादान रखे हैं। इनमें से 35 नए कूड़ेदान पिछले साल खरीद कर रखे गए थे।
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इन कूड़ादानों का कहां उपयोग हो रहा है, यह किसी को नहीं पता। शहर के मोहल्लों में गलियों के किनारे कूड़े के ढेर जमा हैं। इन ढेरों को सुबह 10 बजे से पहले उठाने के आदेश हैं, मगर कई स्थानों पर हर रोज कूड़ा उठाने की जरूरत नहीं समझी जाती। लिहाजा मोहल्ले के लोग सड़ांध से परेशान रहते हैं। सुबह घरों से निकले लोगों के लिए गंदगी से होकर गुजरना मजबूरी है।
नखास निवासी असलम राईन ने बताया कि यहां रोड पर कूड़े का ढेर अक्सर लगा रहता है। पालिका कर्मी कूड़े के ढेर को देखकर नजरअंदाज कर देते हैं। कहने के बावजूद कूड़ा नहीं उठाया जाता। इससे लोग परेशान रहते हैं।
नखास के रिजवान खान ने कहा कि कूड़े के ढेर से गुजरना लोगों की मजबूरी बन गई है। कई बार कूड़े के ढेर पर अन्ना जानवर एकत्रित होकर लड़ जाते हैं, तो वहां से गुजरने रहे लोगों को दिक्कत होती है।
खरीद पर जोर, कबाड़ का रिकार्ड नहीं
पालिका नए कूड़ेदान खरीदने पर तो ध्यान देती है, मगर पुराने कूड़ेदान कहां गए। इसका कोई रिकार्ड नहीं है। इससे साफ है कि जिम्मेदारों की लापरवाही का फायदा छोटे मुलाजिम उठाकर कूड़ेदानों को बेच रहे हैं।
कूड़ा निस्तारण प्लांट को मशीनों का इंतजार
नगर पालिका की ओर से अमिलापुर डलाव घर की जगह पर कई सालों से कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने का काम चल रहा है। अभी तक बाउंड्रीवॉल और टीन शेड का काम हो सका है। अब मशीनों का इंतजार हो रहा है। माना जा रहा है कि चुनाव के बाद ही मशीनें खरीदने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे साफ है कि इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा।
‘कूड़ा नियमित उठाने के निर्देश हैं। यदि कहीं रोजाना नहीं उठता, तो वह इसकी जानकारी करके जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कूड़ेदानों के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी।’ - विजेंद्र कुमार सिंह, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, नगर पालिका परिषद।
कलक्ट्रेट में शौचालय के पास कूड़ा होता डंप
फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ स्थित कलक्ट्रेट परिसर की सफाई के बाद कूड़ा वाहन पार्किंग के पास बने शौचालय के पास कूड़ा दान में डाल दिया जाता है। इस कूड़ादान से रोजाना कूड़ा नहीं उठाया जाता। इससे आसपास कूड़ा फैलने से गंदगी फैली रहती है। शौचालय जाने वाले आम लोगों को गंदगी से गुजर कर जाना पड़ता है।

शहर के मोहल्ला नखास में सड़क किनारे फैला पड़ा कूड़ा। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

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