फर्रुखाबाद। अल्ट्रासाउंड सेंटर का पंजीकरण कराने आया फर्जी रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर को एसीएमओ ने दबोच लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल संचालक व फर्जी डॉक्टर से पूछताछ की। एसीएमओ ने दोनों के खिलाफ तहरीर दी। अब निजी अस्पताल का भी पंजीकरण निरस्त करने की तैयारी है।
मोहम्मदाबाद के मोहल्ला रोहिला में एमजे हास्पिटल संचालित है। उसमें अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने के लिए एसीएमओ कार्यालय में आवेदन किया गया। आवेदन में जनपद आजमगढ़ के गांव टियरी मनीराम निवासी एमडी, रेडियोलॉजिस्ट डॉ.देवश्री के कागज लगाए गए। उनका हाल पता मोहम्मदाबाद दिखाया गया। बुधवार को अस्पताल संचालक पंजीकरण के लिए डॉक्टर को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचा। वहां एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने पूछताछ की तो फर्जी डॉक्टर की पोल खुल गई। एसीएमओ ने फोन कर पुलिस बुला ली।
पुलिस पूछताछ में फर्जी डॉक्टर ने अपना नाम-पता वाराणसी निवासी अरविंद कुमार बताया। कहा कि वह डॉ.उमाकांत के कहने पर आया। उसके पास स्वास्थ्य संबंधी कोई डिग्री नहीं है। अस्पताल संचालक ने अपना नाम सचिन गुप्ता बताया। कहा कि उसने भरथना के डॉक्टर को सात लाख रुपये दिए। इस दौरान एसीएमओ डॉ.रंजन गौतम ने पुलिस को बताया कि फर्जी डॉक्टर व फर्जी कागजों के जरिये अल्ट्रासाउंड सेंटर का पंजीकरण कराने का प्रयास किया गया है। ऐसे लोग ही मरीजों की जान से खिलवाड़ करते हैं।
वह एमजे हॉस्पिटल के संचालक सचिन, फर्जी डॉक्टर अरविंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे। इसके साथ ही फर्जीवाड़े करने में एमजे हास्पिटल का पंजीकरण निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने बताया कि इटावा के भरथना से डॉ.आरिफ द्वारा फर्जी डॉक्टरों का रैकेट चलाने की जानकारी मिली है। पुलिस से इस रैकेट का खुलासा करने का अनुरोध किया है। फर्जी डॉक्टर लेकर आने वाला उमाकांत नाम का व्यक्ति भाग गया है। एमजे हास्पिटल संचालक के पास फर्जीवाड़ा करने के लिए कई डॉक्टरों के कागज भी बरामद हुए हैं।