ट्रेनों के ठहराव के लिए ज्ञापन देते व्यापारी।
मोहम्मदाबाद। लंबे समय के बाद सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया गया। इससे अफरा-तफरी का माहौल रहा। कुछ दुकानदारों से नगर पंचायत के अफसरों की नोकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस की मौजदूगी के चलते दुकानदारों की एक नहीं चली।
रविवार सुबह करीब 11 बजे नगर पंचायत मोहम्मदाबाद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) अखिलेश कुमार ने पुलिस के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। मुख्य चौराहे से हाईवे पर स्थित कोल्ड स्टोरेज तक नाले पर बनी दुकानों, तिरपाल और टिनशेड को हटाया गया।
पंचायत कर्मी बुलडोजर से दुकानों के आगे लगे तिरपाल को ट्रॉली में भरने लगे। इससे कई दुकानदारों की कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई। ईओ और पुलिस की सख्ती के चलते दुकानदार कुछ नहीं कर सके। हाईवे की ओर से बनाए गए नाले पर अवैध रूप से लगी मीट की दुकानों को जल्द हटाने के निर्देश दिए। चेतावनी दी कि दुकानें न हटाई तो चालान किया जाएगा।
इसके बाद अभियान संकिसा रोड पर शुरू कराया गया। इस पर दुकानदारों ने टिनशेड और तिरपाल हटा लिए। ईओ और नगर पंचायत के कर्मचारी जैसे ही आगे बढ़े तो इटावा-बरेली हाईवे पर दुकानदारों ने फिर से दुकानें लगा लीं। ईओ ने बताया कि अतिक्रमण अभियान जारी रहेगा। दोबारा अगर फुटपाथ पर दुकानें, तिरपाल या टिनशेड लगे दिखे तो चालान किया जाएगा।
ट्रेनों के ठहराव के लिए ज्ञापन देते व्यापारी।