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Farrukhabad News: कूड़े से नाले लबालब, कागजों पर बाजीगरी

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गल्लामंडी बड़े कब्रिस्तान के पास कूड़े से भरा नाला
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फर्रुखाबाद। बारिश का महीना जून की शुरुआत में सिर्फ 20 दिन बचे हैं। डीएम ने नालों को तली तक साफ करने के आदेश दिए हैं। इस आदेश के बाद नगर पालिका ने कागजों पर सफाई की बाजीगरी शुरू कर दी है। जबकि जिन चोक नालों से घरों में पानी घुसता है, उन्हें साफ नहीं किया जा रहा। भीकमपुरा और लालगेट से गंगानगर नाला बदहाल है। जिम्मेदार पोकलैंड और बुलडोजर से सिर्फ नालियों से ही कीचड़ निकाल रहे हैं। इन हालातों से बारिश में जलभराव होना तय है। इसका खामियाजा आम जनता को ही भुगतना होगा।
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शहर के सभी बड़े नालों की हालत बदतर है। इनकी सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। इसकी बानगी लालगेट से गंगानगर पुलिया, भीकमपुरा और गल्ला मंडी बड़ा कब्रिस्तान नाले की सालों से सफाई नहीं हुई। हालात ऐसे हैं कि चंद घंटों की बारिश में ही आसपास के कई मोहल्लों में जलभराव होना तय है। इससे घरों में भी पानी घुस जाता है। लालगेट से गंगानगर पुलिया के नाले में दीवारों पर बड़े पेड़ तक उग आए हैं। इस ओर जिम्मेदारों का कोई ध्यान नहीं है। लिहाजा बारिश में लोगों को मुसीबत होना तय है।



कब्रिस्तान में घुसता पानी, धंस जाती हैं कब्रें

फोटो-24,अनीश खां उर्फ लल्ला

गल्ला मंडी निवासी अनीश खां उर्फ लल्ला कहते हैं कि साल में एक बार बुलडोजर कूड़ा निकालने आता है। नाला चोक होने की वजह से चंद बारिश में पूरा कब्रिस्तान गंदे पानी से भर जाता है। इससे कब्रें भी धंस जाती हैं। लोगों को खासी दिक्कत होती है। कोई सुनने वाला नहीं है।
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फोटो-25,शैलेंद्र कुमार

शैलेंद्र कुमार कहते हैं कि कोई सुनने वाला नहीं है। सफाई नायक पल्ला झाड़ लेते हैं। सफाई के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। बारिश में हम लोग दुकानों और मकानों में कैद हो जाते हैं। सड़कों पर तेज धार बहती है।

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फोटो-26,संगीता देवी

मोहल्ले की संगीता देवी कहती हैं कि बारिश में हम सबके घरों में कमर तक पानी भर जाता है। कभी भी तलीझाड़ की सफाई नहीं होती। साल में एक बार कूड़ा निकालकर नाले के ऊपर लगा देते। दोबारा नाले में ही चला जाता है। हालात बदतर हैं।
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नालों की सफाई अभियान के रूप में की जा रही है। कई नाले साफ हो चुके हैं। जो बचे हैं, वह सभी मई के अंतिम सप्ताह तक साफ हो जाएंगे।

- ब्रजेंद्र कुमार, मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक, नगर पालिका फर्रुखाबाद।
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