फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर खड़ी आईसोलेशन ट्रेन।
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आठ माह बीते, आइसोलेशन ट्रेन को नहीं मिला मरीज
फर्रुखाबाद। आठ माह से स्टेशन पर खड़ी आइसोलेशन ट्रेन में अभी तक एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। 12 कोच की इस ट्रेन का अभी तक ताला तक नहीं खुला है। प्लेटफार्म नंबर एक पर ट्रेन खड़ी है।
मार्च में तेजी से बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार ने किसी भी भयावह स्थिति से निपटने को हर स्तर पर तैयारियां मुकम्मल की थीं। इसी के तहत रेलवे ने आइसोलेशन ट्रेनें भी बनाई थीं। 12 कोचों वाली एक ट्रेन को मई में स्थानीय स्टेशन पर भेजा गया था। इस ट्रेन में एक एसी, चार जनरल, छह स्लीपर और एक गार्ड का कोच है।
ट्रेन के सभी कोचों को लॉक रखा गया है। अभी तक इनमें एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। आइसोलेशन ट्रेन आने के तुरंत बाद रेल प्रशासन ने जिला प्रशासन को सूचना दे दी थी मगर जिले में मरीजों की संख्या इतनी नहीं हुई कि यहां मरीज भर्ती करने पड़ते।
स्टेशन अधीक्षक योगेंद्र कुमार शाक्य ने बताया कि जिला प्रशासन को ट्रेन आने की सूचना तभी दे दी थी। कोई भी मरीज भर्ती नहीं हुआ। अभी ट्रेन खड़ी है। जैसे उच्चाधिकारियों के निर्देश होंगे, वैसा किया जाएगा।
नहीं लगाए डिब्बों में कूलर
गर्मियों के दिनों में जनरल और स्लीपर कोचों में कूलर लगाने के आदेश स्थानीय अधिकारियों को दिए गए थे। ट्रेन में मरीजों के भर्ती न होने से उनमें कूलर लगाने की जरूरत नहीं समझी गई।