फर्रुखाबाद। विश्वविद्यालय की शुक्रवार से शुरू हुई परीक्षा में प्रथम पाली में बीए द्वितीय वर्ष अंग्रेजी साहित्य के प्रश्नपत्र में पुराने पाठ्यक्रम के प्रश्न पूछे जाने से परीक्षार्थी चकरा गए। एनएकेपी डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने इसकी शिकायत प्राचार्य से की। धीरे-धीरे इसकी जानकारी सभी परीक्षा केंद्रों पर हुई। परीक्षा केंद्र के प्राचार्यों ने भी इसकी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेजी है। इस प्रश्नपत्र को दोबारा से कराने की संस्तुति भी की है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर की तीन पालियों में परीक्षाएं जिले के 34 केंद्रों पर शुक्रवार से शुरू हुईं। प्रथम पाली 8 से 9.30 बजे बीए द्वितीय वर्ष अंग्रेजी साहित्य के पेपर में बहुविकल्पीय 100 प्रश्न पूछे गए थे। प्रश्नपत्र में आए प्रश्नों को देखकर छात्र-छात्राएं चकरा गईं। पुराने पाठ्यक्रम के अधिकांश प्रश्न ऐसे थे जो छात्रों ने पढ़े ही नहीं थे।
एनएकेपी डिग्री कॉलेज केंद्र की छात्राओं ने प्रश्नपत्र गलत आने की कक्ष निरीक्षक से शिकायत की। छात्राओं ने कहा कि जो उन्होंने पढ़ा नहीं, वह प्रश्नपत्र में आया है। जिस कारण इनको हल करना मुश्किल है। कक्ष निरीक्षक के न सुनने पर छात्राओं ने प्राचार्य से शिकायत की। पेपर में पुराने पाठ्यक्रम के प्रश्न आने का मामला अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी उठा गया।
प्रथम पाली में बीएससी द्वितीय वर्ष वनस्पति विज्ञान का प्रश्नपत्र सहीं आया। द्वितीय पाली 11 से 12.30 बजे तक बीएससी तृतीय वर्ष का रसायन विज्ञान, बीए तृतीय वर्ष हिंदी साहित्य और शाम की पाली में एमकॉम द्वितीय वर्ष व एमए तृतीय वर्ष भूगोल की परीक्षा हुई। एनएकेपी डिग्री कॉलेज की प्राचार्य डॉ. शशि किरन सिंह और डीएन
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मुकेश राठौर ने बताया कि अंग्रेजी के प्रश्नपत्र में 85 प्रतिशत प्रश्न पुराने पाठ्यक्रम से आए और 15 प्रतिशत नए पाठ्यक्रम से थे। इससे छात्र-छात्राओं को पेपर हल करने में दिक्कत हुई। छात्र-छात्राओं की शिकायत पर विश्वविद्यालय प्रशासन कानपुर को इसकी रिपोर्ट भेज दी है। इस प्रश्नपत्र को दोबारा से कराने की संस्तुति भी की है।