फोटो-36, संडे बाजार न लगने की वजह से नेहरू रोड पर आराम से आते जाते वाहन। संवाद
फर्रुखाबाद। पुलिस की सख्ती के चलते शहर का नेहरू रोड कई दशक बाद संडे बाजार से मुक्त हो गया। दुकानदारों की मदद करने व्यापारी नेता भी नहीं पहुंचे। कोतवाली प्रभारी वाहन से पुलिस बल के साथ राउंड लगाते रहे। चौक स्थित बिजली उपकेंद्र के पास मौजूद दुकानदार विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा सके। अधिवक्ता सुधांश दत्त द्विवेदी ने दुकानदारों को मुख्यमार्ग पर दुकानें लगाना गलत बताया।
शहर के चौक से घुमना, रेलवे रोड पर पल्ला मठिया तक हर रविवार को संडे बाजार लगाया जाता था। इसमें दुकानों की संख्या में तेजी से इजाफा होने से जाम लगना आम हो गया था। इससे राहगीर ही नहीं एंबुलेंसों में बीमार और दुर्घटना में घायल फंस जाते थे। प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संडे बाजार क्रिश्चियन स्कूल मैदान में लगाने के निर्देश दिए थे। व्यापारी नेता अंकुर श्रीवास्तव की अगुवाई में दुकानदार दो रविवार से मुख्यमार्ग पर ही दुकानें लगाने पर अड़े थे। रविवार सुबह नौ बजे से दुकानदारों का पहुंचना शुरू हुआ। 10 बजे कोतवाली प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी पुलिस बल के साथ पहुंचे और दुकानों का सामान घर ले जाने की हिदायत दी। कुछ ही देर में दुकानदार खिसक लिए।
उद्योग व्यापार मंडल मिश्रागुट के संडे बाजार शाखा अध्यक्ष नितिन कुमार गुप्ता ने 30-35 दुकानदारों के साथ चौक बिजली उपकेंद्र के पास खड़े होकर व्यापारी नेता अंकुर श्रीवास्तव का इंतजार करते रहे, मगर वह नहीं आए। अलग-थलग होने से दोपहर बाद नगर अध्यक्ष इखलाक खां के प्रतिष्ठान पहुंचे। वहां आपस में बातचीत के बाद तय हुआ कि प्रशासन से बात करने के बाद ही तय स्थान पर दुकानें लगाई जाएंगी। अधिवक्ता सुधांशु दत्त द्विवेदी दुकानदारों से मिलने पहुंचे। उन्होंने जाम से होने वाली दिक्कतों के बारे में दुकानदारों को समझाया। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट से फोन पर बात की। कोतवाली प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी ने बताया कि जाम से आम जनता परेशान होती है। संडे बाजार क्रिश्चियन मैदान में लगाने को कहा है, वहीं दुकानें लगाना चाहिए।