जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में डीएलएड उत्तपुस्तिकाओं के चल रहे मूल्यांकन में परीक्षकों की कमी से कापियां जांचने का कार्य पिछड़ रहा है। जिले के 34 निजी डीएलएड कालेजों से चार-चार अनुमोदित शिक्षकों को परीक्षक बनाकर डायट में भेजने के निर्देश कालेज प्राचार्यों को दिए गए थे, लेकिन मूल्यांकन के चौथे दिन तक केवल निजी कालेजों से कुल 6 शिक्षक ही पहुंचे हैं। जीआईसी के शिक्षकों ने अभी तक योगदान नहीं किया।
सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज ने डीएलएड बैच-2018 द्वितीय सेमेस्टर की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन 12 सितंबर से शुरू कराकर 30 सितंबर तक पूर्ण कराने के निर्देश भेजे थे। पूर्वांचल के एक जिले से उत्तरपुस्तिकाओं के 100 बंडल आए है।
जिले की रजलामई स्थित डायट के शिक्षकों के लखनऊ में ट्रेनिंग में जाने से 12 के बजाय 19 सितंबर से मूल्यांकन प्रारंभ हुआ। डायट प्राचार्य ने निजी डीएलएड कालेजों के प्राचार्य को पत्र लिखकर 4-4अनुमोदित शिक्षक मूल्यांकन के लिए भेजने के निर्देश दिए थे। 34 कालेजों में से केवल 4 ने ही कुल 6 शिक्षक भेजे हैं।
सेवानिवृत्त भी लगाए, जीआईसी से भी नहीं पंहुचे शिक्षक
डायट प्राचार्च विजय पाल सिंह ने बताया कि अनुमोदित शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए सोमवार तक अगर निजी डीएलएड कालेज के प्राचार्यों ने शिक्षक नहीं भेजे तो उनको नोटिस जारी किया जाएगा। डायट प्राचार्य ने बताया कि परीक्षकों की कमी दूर करने के लिए राजकीय इंटर कॉलेजों से भी शिक्षक मांगे गए हैं।
6 घंटे के मूल्यांकन में परीक्षक को 50 कापियां
उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बेहद सतर्कता बरती जा रही। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 4 बजे तक 6 घंटे के मूल्यांकन में परीक्षक को केवल 50 कापी जांचने को दी जा रही हैं। परीक्षकों को प्रति कापी 11 रुपये पारिश्रमिक दिया जाएगा।
नियंत्रक की जिम्मेदारी प्राचार्य के पास है। वरिष्ठ प्रवक्त दीवान सिंह को उप नियंत्रक बनाया गया है। मूल्यांकन प्रभारी डायट प्रवक्ता अनिल कुमार व कोठार प्रभारी प्रवक्ता मनोज कुमार पाल को बनाया गया है।
फर्रुखाबाद जिले के 34 निजी डीएलएड कालेजों व डायट के परीक्षार्थियों की उत्तपुस्तिकाओं के 49 बंडल दूसरे जिले में मूल्यांकन केंद्र पर भेजे गए हैं। विभिन्न बैच के अनुत्तीर्ण छात्रों द्वारा दी गई परीक्षा की कापियां भी जांचने के लिए भेजी गई हैं।