फर्रुखाबाद/शमसाबाद। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगाघाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। पांचाल घाट और ढाईघाट पर हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ भक्तों ने डुबकी लगाई। इस दौरान पैंटून पुल और पांचाल घाट पुल पर जाम की स्थिति भी बनी। घाटों पर फैली गंदगी के चलते स्नानार्थियों को दिक्कतें भी उठानी पड़ीं।
कार्तिक पूर्णिमा में शाहजहांपुर, मैनपुरी, एटा और हरदोई आदि जिलों से पांचाल घाट पर श्रद्धालुओं का आना सुबह से ही शुरू हो गया। टेंपो और तांगा को पुल के इस तरफ दुग्ध डेयरी के पास और पुल के उस तरफ चाचूपुर के पास पुलिस ने रोक दिया। पांचाल घाट पुल पर रुक-रुककर जाम लगता रहा।
श्रद्धालुओं ने गंगा के किनारे कथा सुनी और मनौती पूरी होने पर गंगा को पहरावन पहनाई गई। पांचालघाट के अलावा रानी घाट, बरगदिया घाट व किला घाट पर भी स्नान किया गया। गंगा की बालू में ट्रैक्टर व वाहन फंसने से भी लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी।
शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार, ढाईघाट पर भक्तों ने स्नान किया। पुल के इस तरफ लगाए गए बैरियर के पास दुपहिया, चौपहिया वाहनों को रोक लिया गया। पैंटून पुल से सिर्फ पैदल ही लोग गुजरे। स्नान को लेकर गहरे पानी के बीच बैरीकेडिंग की गई थी। वहीं, कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले पशु मेले में इस बार रौनक कम रही। पशु व्यापारी आफताब, अल्ताफ और मुकेश आदि का कहना था कि इस बार पशु खरीदने के लिए बाहर से व्यापारी काफी कम आए। वहीं शृंगीरामपुर में भी गंगा स्नान हुआ।