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बीस हजार रुपये के लिए की थी दोस्त की हत्या

Tue, 27 Nov 2018 11:44 PM IST
farrukhabad
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पकड़े गए आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
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उधारी के बीस हजार रुपये हड़पने और विरोधियों को फंसाने के लिए मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नगला सबल में जितेंद्र उर्फ रसाल सिंह की हत्या की गई थी। इस घटना को दोस्त ने दो अन्य साथियों साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने हत्या के आरोप में दोस्त पूर्व प्रधान के पुत्र समेत दो को गिरफ्तार कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किए गए तमंचा और कुल्हाड़ी को बरामद किया गया है। तीसरे आरोपी की पुलिस की तलाश जारी है।  
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मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नगला सबल निवासी जितेंद्र उर्फ रसाल सिंह की 21 नवंबर की रात को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गांव के ही छह लोगों के खिलाफ रसाल सिंह के साले हरवीर ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें गांव के पूर्व प्रधान का बेटा गौरव उर्फ अनमोल यादव गवाह था। मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने बताया कि इस हत्याकांड में पूर्व प्रधान के पुत्र गौरव उर्फ अनमोल यादव व सत्यराम यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया कि जितेंद्र उर्फ रसाल, गौरव का दोस्त था। गौरव ने उससे बीस हजार रुपये उधार लिए थे। ये रुपये जितेंद्र उर्फ रसाल अक्सर मांगा करता था।

जितेंद्र का गांव के कुछ लोगों ने जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उन लोगों को फंसाने और बीस हजार रुपये हड़पने के लिए जितेंद्र की हत्या की योजना बनाई। गौरव उर्फ अनमोल 21 नवंबर को जितेंद्र को शाम के समय अपने घर बुलाकर लाया। उसको खाना खिलाने के बाद अपने साथ खेतों की ओर ले गया। खेतों के पास गांव के सत्यराम यादव व ललमू उर्फ अनुज यादव पहले से बैठे थे। इन लोगों ने जितेंद्र को पकड़ लिया और उसके सीने में गोली मार दी। इसके बाद पीछे से सिर में कुल्हाड़ी मार कर हत्या कर दी। उसके शर्ट की जेब में एक कारतूस डाल कर वहां से घर चले गए। रात में शव मिलने पर गौरव व उसके साथी भी मौके पर आ गए और हत्या के खुलासे की मांग कर हंगामा करने लगे।
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आरोपी गौरव उर्फ अनमोल के बताने पर जितेंद्र के साले हरवीर ने गांव के अव्वल सिंह, आशीष, विवेक, अवनीश, जयवीर, महिपाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और खुद प्रत्यक्षदर्शी गवाह बन गया था। एसपी ने बताया कि इस हत्याकांड के खुलासे के लिए मेरापुर एसओ सुदीप मिश्रा और नवाबगंज एसओ रवींद्र नाथ यादव को लगाया गया था। जांच में जो आरोपी नामजद थे। उनको झूठा फंसाया गया था। तीसरे आरोपी ललमू उर्फ अनुज यादव की तलाश की जा रही है। उसको भी जल्द पकड़ लिया जाएगा। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया। गौरव पर तीन मुकदमे हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह मौजूद रहे। 
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