घटना के बाद मौके पर जांच पड़ताल करती पुलिस।
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फर्रुखाबाद-कानपुर मार्ग पर गुरुवार सुबह हाईस्कूल परीक्षा देने जा रहे किशोर व उसके दोस्त की बाइक, खड़े ट्रक में जा घुसी। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक को किशोर चला रहा था, वह हेलमेट भी नहीं लगाए था। घटना के बाद बवाल की आशंका को देखते हुए पुलिस तैनात रही। पीएसी भी बुलाई गई।थाना क्षेत्र के गांव सिलाचौराहा निवासी विकास (15) पुत्र हवलदार सिंह अपने दोस्त रवि (18) के साथ हाईस्कूल की परीक्षा में विज्ञान का पेपर देने के लिए परीक्षा केंद्र आरपी इंटरकालेज कमालगंज जा रहा था।
पाहला क्रासिंग के पास बाइक रोड किनारे खड़े ट्रक के पिछले हिस्से में जा टकराई। जबरदस्त भिड़ंत के कारण दोनों के सिर बुरी तरह से जख्मी हो गए। घटनास्थल पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सीओ देवेंद्र सिंह, थानाध्यक्ष रजनीश चौहान व यूपी 100 का फोर्स मौके पर पहुंचा।
प्रवेशपत्र के आधार पर शिनाख्त होने पर परिजनों को सूचना दी गई। परिजनों के आने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। जाम व हंगामे की आशंका को देखते हुए जिला मुख्यालय से पीएसी बुलाई गई, जो स्थिति शांतिपूर्ण रहने पर थाने के पास से लौट गई। हादसे को देख ट्रक के चालक व परिचालक भाग गए। पुलिस ने ट्रक व बाइक को कब्जे में लेकर भोजपुर चौकी में खड़ा कराया। मामले की रिपोर्ट अभी दर्ज नहीं कराई गई है।
लेट होने के चक्कर में रफ्तार ने ले ली जान
कमालगंज। आसपास के लोगों ने बताया कि दुर्घटना के वक्त विकास खुद बाइक चला रहा था। घर से निकलते वक्त उसे विलंब हो गया था। लेट होने के चक्कर में उसे पेपर छूट जाने का डर था। थानाध्यक्ष रजनीश चौहान ने बताया कि ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला है कि हादसे के वक्त बाइक की स्पीड 70 से 80 किमी प्रति घंटा के आसपास थी। इसी के चक्कर में विकास संतुलन खो बैठा। तूफानी रफ्तार ने ही उसकी जान ले ली।
हेलमेट होता तो शायद बच जाती जान
कमालगंज। हादसे के बाद हर किसी की जुबान पर यही शब्द थे कि विकास व रवि यदि हेलमेट लगाए होते तो शायद उनकी जान बच जाती। क्योंकि हेलमेट से उनके सिर का बचाव हो जाता। दुर्घटना के दौरान दोनों के शरीर के अन्य हिस्सों में मामूली चोटे थीं, लेकिन सिर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होना मौत का कारण बन गया।