फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपहृत साड़ी दुकानदार की हत्या कर शव खेत में फेंका

विज्ञापन
गांव तुषौर में घटना स्थल का निरीक्षण करते अपर पुलिस अधीक्षक। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
विज्ञापन
राजेपुर। अपहृत साड़ी दुकानदार की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया गया। तीन अप्रैल को दुकानदार लापता हो गया था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की थी। सोमवार का पुलिस ने महिला सहित तीन लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया था। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को खेत से निकाला। परिजनों ने प्रेम प्रसंग में महिला व उसके भाई समेत तीन पर हत्या का आरोप लगाया है।
विज्ञापन

फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मछली टोला निवासी सलीम की कानपुर रोड पर इंडिया टेलर के नाम से दुकान है। उनके 22 वर्षीय पुत्र साफेज की चूड़ी वाली गली में साड़ी की दुकान है। उसकी दुकान के सामने मोहल्ला बजाजा निवासी निशा वर्मा की दुकान है। साफेज व निशा में अच्छी दोस्ती थी। इसकी जानकारी होने पर सलीम ने पुत्र साफेज से दो अप्रैल को विरोध किया था।
साफेज ने पिता की बात मानने से इनकार कर दिया। वह निशा के साथ ही रहने की जिद पर अड़ा था। सलीम ने निशा के ससुर को पूरी बात बताई और किसी तरह मामले को निपटाने की बात कही। ससुर ने जनपद मैनपुरी के करहल रोड निवासी निशा के भाई दीपक को पूरे मामले की जानकारी देकर बुलाया। दीपक अपने साथी के साथ तीन अप्रैल को फतेहगढ़ आया और फोन करके साफेज को मिलने के लिए बुलाया।
विज्ञापन

इसके बाद से साफेज लापता हो गया। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। पिता सलीम ने पुत्र के लापता होने पर कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच कर रहे सिविल लाइन चौकी इंचार्ज आनंद शर्मा ने साफेज के मोबाइल की लोकेशन खंगाली। मोबाइल फतेहगढ़ में ही बंद होना पाया गया।
सोमवार को गल्ला मंडी निवासी राकेश सोनकर को साफेज का मोबाइल घर के पास पड़ा मिला। उसने मोबाइल पुलिस के हवाले कर दिया। पिता सलीम की तहरीर पर पुलिस ने निशा वर्मा उसके भाई दीपक व एक अज्ञात के खिलाफ सोमवार रात साफेज के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने दीपक की तलाश में मैनपुरी में दबिश मारी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया।
मंगलवार दोपहर राजेपुर थानाक्षेत्र के गांव तुषौर जाने वाले मार्ग पर साफेज का शव गांव के ही सर्वेश के खेत में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने शव को खेत में देखकर पुलिस को सूचना दी। एसओ दिनेश गौतम मौके पर पहुंचे। तलाशी लेने पर साफेज के जेब में मिले कागजात से पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। पिता सलीम व चाचा शेखू परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे।
एएसपी, सीओ अम़ृतपुर अजेय कुमार शर्मा, सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह व कोतवाल फतेहगढ़ जय प्रकाश पाल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एएसपी अजय प्रताप ने बताया कि साड़ी दुकानदार का शव गेहूं के खेत में मिला है। उसके अपहरण का मुकदमा फतेहगढ़ कोतवाली में दर्ज है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा।
चेहरे, छाती पर चोट के निशान, खून से कपड़े थे लथपथ
साफेज के चहरे व छाती पर चोट के निशान मिले हैं। उसके कपड़े खून से लथपथ थे। उसके सिर पर किसी वजनदार वस्तु से प्रहार किया गया था। बालों पर खून जमा था। इससे आशंका जताई जा रही है कि सोमवार रात ही उसकी हत्या की गई है।
पुलिस निशा की बात मान लेती तो बच जाती साफेज की जान
तीन अप्रैल की रात निशा वर्मा बदहवाश हालत में फतेहगढ़ कोतवाली पहुंची थी। उसने पुलिस को बताया कि उसका भाई दीपक अपने साथी के साथ साफेज को पकड़कर ले गया है। उन लोगों ने साफेज के साथ मारपीट की है। वह लोग उसकी हत्या कर देंगे, लेकिन पुलिस ने निशा की कोई बात नहीं सुनी और उसको हिदायत देकर घर भेज दिया। ऐसे में पुलिस निशा की बात मान लेती और उसी समय कार्रवाई में जुट जाती तो साफेज की जान बच सकती थी।
सोमवार रात फेंका गया शव
ऐसा माना जा रहा है कि साफेज का शव सोमवार रात 12 बजे के बाद किसी समय खेत में फेंका गया है। बरेली-इटावा हाईवे से 100 मीटर दूूर तुषौर जाने वाले मार्ग पर आवागमन बना रहता है। घटनास्थल पर पड़ा खून भी बया कर रहा था कि साफेज की हत्या सोमवार रात को ही की गई होगी। फोरेंसिक टीम ने मौके से नमूने एकत्र एकत्र किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें