धिवक्ता व्रृजेश का फाइल फोटो। संवाद
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र में रविवार की सुबह संदिग्ध हालात में वकील की सीने में गोली लगने से मौत हो गई। वकील के पैर के पास बारह बोर का तमंचा भी मिला है, जिसमें खोखा फंसा हुआ था। पुलिस का कहना है कि जिस चारपाई पर वकील सोये थे, वहीं पर सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आत्महत्या करने की बात तो कही गई, लेकिन वजह नहीं बताई। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाए और न ही खुदकुशी करने की वजह बताई है।
जौरा गांव निवासी बृजेश कुमार कश्यप (35) पुत्र सरनाम सिंह मुंसिफ कोर्ट में वकालत करते थे और अधिवक्ता संघ के सदस्य भी थे। परिजनों ने बताया कि शनिवार की रात बृजेश खाना खाने के बाद बरामदे में सोये थे। रविवार को तड़के करीब तीन बजे उनके बड़े भाई प्रमोद सब्जी की आढ़त में चले गए, जबकि दूसरे भाई दिनेश अपने परिवार के साथ घर पर ही थे। बृजेश के पिता दूसरे घर पर थे। सुबह पांच बजे प्रमोद की पत्नी नारायणी भी मार्निंग वाक को चली गईं। पुलिस ने बताया कि जिस वक्त नारायणी मार्निंग वॉक को जा रही थी, उस वक्त बृजेश लघुशंका गए थे। सुबह 6 बजे जब वापस आईं तो बृजेश जमीन पर लहूलुहान पड़े थे और उनके पैरों के पास एक तमंचा भी पड़ा था। वकील की मौत की सूचना पर सीओ राजवीर सिंह गौर व इंस्पेक्टर विनय राय पहुंचे और तमंचा कब्जे में लिया।
पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट में बृजेश ने खुदकुशी के लिए किसी संबंधी या परिवार वाले को परेशान न करने की बात कही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचे बृजेश के साथी वकीलों से राइटिंग की पुष्टि कराई तो दस्तखत उन्हीं के होने की बात कही गई। वकीलों ने पुलिस को बताया कि तीन अप्रैल को बृजेश ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में आत्महत्या की ओर इशारा किया था। परिजनों से पूछताछ में भी जान देने की वजह स्पष्ट नहीं हुई। भाभी नारायणी ने बताया कि 10 साल पहले अनबन के बाद बृजेश की पत्नी अपने मायके चली गईं थीं और पांच साल पहले दोनों में तलाक हो गया था। बृजेश का 11 साल का बेटा अपनी मां के पास रहता है। इंस्पेक्टर ने बताया कि मामला आत्महत्या का लग रहा है, फिर भी जांच की जाएगी।