मुंबई में मकान के गिरने से हुई एक ही परिवार के छह लोगाें की मौत के बाद बुधवार की शाम शवों के आने पर कोहराम मच गया। इस दौरान परिजनों ने मुंबई प्रशासन पर किसी तरह की मदद न करने का आरोप लगाया।
थाना जहानगंज के गांव बहोरा निवासी धनीराम परिवार के साथ मुंबई के भिवाड़ी में किराए के मकान में रह कर अपना व्यापार करते थे। 7 अगस्त की सुबह मकान के ढह जाने से धनीराम, मां ओमवती, पत्नी रेखा, पुत्री शिवांनी, पुत्र देवेश, नैतिक की मलबे में दब कर मौत हो गई थी।
मुंबई में शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद बुधवार की दोपहर 3 बजे दो एंबुलेंस से शवों को गांव लाया गया। शव के आते ही गांव में कोहराम मच गया। गांव ही नहीं आसपास गांव के लोग मौके पर आ गए। शवों के आने से पहले ही तहसीलदार आरपी चौधरी मौजूद थे।
धनीराम के भाई आशाराम ने आरोप लगाया कि घटना के बाद मुंबई प्रशासन ने कोई मदद नहीं की। उनकी जिंदगी इसलिए बच गई कि वह घटना वाले रात को ड्यूटी पर गया हुआ था।
शवों के आने की जानकारी पर भाजपा नेता रोहिताश वर्मा, फतेहचंद्र, शैलेंद्र सिंह राठौर, बसपा नेता जैमिनी राजपूत, सपा नेता अरशद जमाल समेत काफी संख्या में नेता गांव पहुंचे। यहां पर धनीराम के साले शीशराम और उनके परिजनों ने धनीराम के चाचा पर रेखा के जेवरों को हड़पने का आरोप लगा हंगामा किया।