फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम मेराज अहमद ने लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे वारंटी की गिरफ्तारी न होने पर मोहम्मदाबाद पुलिस को कड़ी फटकार लगाई।
न्यायालय की नाराजगी के बाद पुलिस हरकत में आई और मंगलवार को आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामला किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का था।
सोमवार को कोर्ट ने मामले में सुनवाई करते हुए पुलिस को सख्त हिदायत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बावजूद थाना मोहम्मदाबाद पुलिस ने अभियुक्त नहीं मिला लिखकर अधिपत्र वापस कर दिया था। न तो जीडी में दर्ज किया गया और न ही उपनिरीक्षक सूर्य प्रकाश उपाध्याय ने गिरफ्तारी के प्रयासों का ब्योरा पेश किया। न्यायाधीश ने इसे आदेश की अवहेलना और आरोपी को परोक्ष रूप से सहयोग करने जैसा माना।
अदालत ने साफ कहा कि यदि आरोपी को 11 सितंबर तक पुनः पेश नहीं किया गया तो थाना प्रभारी को स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा। अदालत के सख्त रुख को देखते हुए मोहम्मदाबाद पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने आरोपी सोनू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया।
क्या थी घटना
सामूहिक दुष्कर्म की कोशिश से आहत किशोरी ने लगाई थी आग
फर्रुखाबाद। कोतवाली क्षेत्र के एक गांव वाली 15 वर्षीय किशोरी 10 अगस्त 2017 की रात घर से शौच के लिए निकली थी। गांव के ही गौतम, सोनू और एक अज्ञात युवक ने तमंचे के बल पर किशोरी को अगवा कर लिया था। आरोपियों ने रास्ते में छेड़छाड़ करते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी।
सुबह रोहिला चौराहे पर लोगों की आहट पाकर आरोपी पीड़िता को छोड़कर फरार हो गए। किसी तरह किशोरी काका होटल पहुंची, जहां संचालक की मदद से उसे घर भेजा गया। समाज में हुई बेइज्जती और दहशत से आहत पीड़िता ने घर पहुंचते ही मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा ली थी।
गंभीर हालत में उसे मोहम्मदाबाद अस्पताल से लोहिया अस्पताल और फिर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। घटना के तीन दिन बाद पीड़िता के पिता ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। (संवाद)