फर्रुखाबाद। कई ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला न लगने के बावजूद विभाग से लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया है। सवाल उठने पर सीडीओ ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
किसानों को उन्नतिशील खेती के गुर सिखाने के लिए शासन के आदेश पर गांवों में किसान पाठशाला कराने के आदेश थे। कृषि उपनिदेशक कार्यालय से जिले की 278 ग्राम पंचायतों में रोस्टर के हिसाब से 21 अगस्त तक किसान पाठशाला की तिथि निर्धारित की गई। पंचायत घरों में दो दिवसीय पाठशाला पर पांच हजार रुपये खर्च निर्धारित था।
हकीकत यह है कि अधिकतर ग्राम पंचायतों में किसानों को पता भी नहीं चला कागजों पर ही पाठशाला करा दी गई। इस दौरान गंगा की बाढ़ से ब्लाॅक राजेपुर क्षेत्र के 80 फीसदी गांवों में पानी भरा था। पंचायत घरों में जलभराव के बावजूद किसान पाठशाला के आयोजन दिखा दिए गए। बाद में सत्यापन की औपचारिकता कर गत माह विभाग से लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस संबंध में अमर उजाला ने 24 दिसंबर के अंक में किसान अनजान, बिना पाठशाला लाखों का भुगतान शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने संज्ञान लेकर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। उन्होंने कमेटी में शामिल उपायुक्त श्रम रोजगार, जिला उद्यान अधिकारी व जिला पिछड़ा वर्ग अधिकारी से एक सप्ताह में जांच पूरी कर फोटोग्राफ सहित आख्या तलब की है। मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार मिश्र ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।