आढ़तियों के यहां चोरी व दूसरी समस्याओं को लेकर मंडी कारोबारियाें का
गुस्सा शुक्रवार को फ ट पड़ा। इन्हाेंने सातनपुर मंडी का मुख्य गेट बंद कर
नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे बाहर जाम लग गया। करीब
एक घंटे बाद सचिव कारोबारियों से मिलने पहुंचे। इनके आश्वासन पर
व्यापारियों ने जाम खोला। करीब दो घंटे तक कारोबार प्रभावित रहा।
सातनपुर
मंडी में बुधवार की रात चोरों ने तीन आढ़ताें के ताले तोड़ कर चोरी कर ली
थी। इससे करोबारियाें में नाराजगी थी। शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे आढ़तियाें
ने टीन शेड नंबर एक में बैठक की। यहां मंडी सचिव को बुलाने की बात हुई।
सचिव ने प्रतिनिधि मंडल से बात करने का प्रस्ताव दिया। इस पर कारोबारियों
का गुस्सा और भड़क गया। इन्हाेंने मंडी का मेन गेट बंद कर दिया।
यह यहां
प्रदर्शन करने लगे। कारोबारियाें ने मंडी सचिव के खिलाफ नारे लगाए। कारोबारियाें
का कहना था कि मंडी में आठ सुरक्षा गार्ड हैं। इनमें से पांच सचिव के
निवास पर रहते हैं। तीन गार्ड आफिस में रह कर काम करते हैं। यह मंडी में
गश्त नहीं करते हैं। परिसर की दीवार टूटी है।
इससे अराजकतत्व घुसते हैं।
बिजली के खंभों पर लाइट नहीं जलती है। एक घंटे बाद मंडी सचिव धर्मेंद्र
यादव वार्ता करने पहुंचे। इनके समस्याआें के जल्द समाधान के आश्वासन पर
प्रदर्शन खत्म हुआ। इस बीच गेट के बाहर आलू लदे वाहनाें की लंबी कतारें लग
गईं।
यहां आलू आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश वर्मा, विमल कटियार,
जयवीर सिंह, विष्णु, सुधीर वर्मा रिंकू, सुरेंद्र सिंह, दीपू कटियार,
कमलेश कुमार, राकेश कुमार, गौरव, बादाम सिंह, प्रमोद कुमार, अखिलेश कुमार,
विनोद सिंह मौजूद रहे। कारोबारियाें ने यहां बताया कि रात को चोराें ने
राकेश की दुकान में नकब लगाने का प्रयास किया। उनके आढ़त के अंदर होने से
चोरी बच गई।