कायमगंज मंडी समिति में टीन शेड को ध्वस्त करते कार्यदायी संस्था के लोग। संवाद न्यूज एजेंसी
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कायमगंज। कृषि उत्पादन मंडी समिति को हाईटेक बनाने के लिए सरकार ने ई-नेम परियोजना से जोड़ दिया है। इसके लिए निर्माण कार्य एक वर्ष के बाद शुरू हो सका है। इसमें ई-नेम आफिस व लैब बनाने के लिए बसपा शासन काल में एक करोड़ से अधिक लागत से बने प्लेटफार्म व टिनशेड को ध्वस्त कर निर्माण कार्य शुरू किया गया। इस पर मंडी में कुछ व्यापारियों ने सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि मंडी में काफी जगह खाली पड़ी है। ई-नेम आफिस कहीं भी बनाया जा सकता था। अच्छे खासे टिनशेड को ध्वस्त किया जा रहा है।
प्रदेश की 66 मंडियों को राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना से जोड़ा गया है। इससे प्रदेश के किसान अपनी उपज को किसी भी मंडी में उचित दाम पर बेच सकेंगे। अशिक्षित किसानों को भी इसका लाभ मिलेगा। कायमगंज क्षेत्र टुबैको सिटी के नाम से जाना जाता है। तंबाकू के कारोबार की वजह से यहां मंडी शुल्क भी खासा जमा होता है। इसी से यहां की मंडी को ई-नेम परियोजना से जोड़ दिया गया है। इसके तहत 5 करोड़ 91 लाख की लागत से मार्च 2019 से निर्माण शुरू होकर दिसंबर में कार्य पूर्ण होना था। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में निर्माण शुरू हुआ। मंडी को आधुनिक बनाने के लिए विश्राम गृह, कैंटीन, दो ई-नेम आफिस, आधुनिक गेट, पेस्टीसाइड रेजिड्यूल टेस्टिंग लैब, पूर्व में निर्मित दुकानों एवं भवनों की मरम्मत का कार्य शामिल है।
इसका ठेका आगरा की प्रज्ञा कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। बसपा शासन काल मे मंडी में 1.42 करोड़ से प्लेटफार्म व टिनशेड डाला गया था। कार्यदायी संस्था ने इसे तोड़ने का काम शुरू कर दिया है। इस पर कई व्यापरियों ने सवाल भी किया कि परिसर में खाली पड़ी जगह में ई-नेम आफिस बनाया जा सकता था। शेड में रखे अनाज को भी व्यापरियों को हटाना पड़ा। इसे तोड़ने से सरकार का काफी नुकसान हो रहा है। कार्यदायी संस्था के जेई पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें जो आदेश मिला है उसके तहत वह टिनशेड तुड़वा रहे हैं। मंडी सचिव कपिल कुमार गुप्ता के पास अतिरिक्त चार्ज है। वह कार्यालय में नहीं मिले। फोन किया पर रिसीव नहीं हुआ।
निर्माण कार्य तोड़कर कराया जा रहा है। इसकी जानकारी नहीं है। शुक्रवार को मौके पर जाकर जांच करेंगेे। आज वर्क आर्डर देखेंगे इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
अमित आसेरी, एसडीएम