फर्रुखाबाद। सिटी मजिस्ट्रेट के चार्ज लेने के पहले दिन फतेहगढ़ में अतिक्रमण हटाने को जेसीबी गरजी। इसे लेकर कई बार व्यापारियों व अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। किसी की पटिया तोड़ने व किसी की जोड़े जाने पर व्यापारी आपस में ही भिड़ते नजर आए। दुकानदार व्यापार मंडल नेताओं को काफी खफा दिखे।
जिलाधिकारी की तरफ से तय कार्यक्रम के तहत शहर में सोमवार से दो दिसंबर तक अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट रत्नप्रिया ने चार्ज लेने के पहले दिन फतेहगढ़ चौराहे से पुल मंडी तक अतिक्रमण हटवाने को मोर्चा संभाला। सुबह 11 बजे वह एएसडीएम सुनील यादव, ईओ रश्मि भारती, सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड आदि अधिकारियों के अलावा पुलिस बल के जेसीबी, ट्रैक्टर-ट्राली लेकर पहुंचीं। चौराहे से अभियान शुरू हुआ तो एक तरफ से दुकान के आगे की पटिया तोड़ने के साथ आगे पड़ी टीन हटवाई गईं। गुप्ता साइकिल स्टोर पर जेसीबी पहुंची तो मामला गरमा गया। स्टोर मालिक ने दो दिन का समय मांगते हुए खुद पटिया तोड़ने को कहा। इस पर जिन दुकानदारों की पटियां टूट चुकी थीं, वे विरोध करने लगे। इससे व्यापारियों की भीड़ लग गई। इससे ईओ व सिटी मजिस्ट्रेट घिर गईं। अधिकारियों ने जब तेवर दिखाए तो व्यापारी बैकफुट पर आ गए। जेसीबी से सभी की पटिया तोड़कर दोबारा स्थायी अतिक्रमण न करने की हिदायत दी गई।
सबकी नजर थी नर्सिंगहोम पर, ढहाईं पटियां
साइकिल स्टोर के बाद जब जेसीबी आगे बने नर्सिंगहोम के पास पहुंची तो लोग विरोध होने की चर्चा करने लगे। वहीं पटिया न तोड़े जाने पर अन्य दुकानदार भी अधिकारियों से भिड़ने का मन बनाने लगे। डा.विशाल अग्रवाल ने ईओ व सिटी मजिस्ट्रेट से खुद ही पटिया तुड़वाने का अनुरोध किया, लेकिन नहीं सुनी गई। आखिरकार जेसीबी से नर्सिंगहोम की पटियां ढहा दी गईं। इससे अन्य दुकानदारों की बोलती बंद हो गई।
मकानों की पटियां तोड़ने पर हुआ विरोध
फतेहगढ़ चौराहे से पुल मंडी तक दुकानों के साथ ही कुछ मकानों की भी पटियां व सीढ़ियां नाली पर बनी थीं। जेसीबी पहुंचते ही महिलाओं आदि परिजनों ने बाहर आकर विरोध किया, लेकिन निष्पक्ष अभियान के तहत किसी की भी नहीं सुनी गई। कुछ महिलाओं ने तो अधिकारियों को ट्रांसफार्मर करा देने तक की धमकी दे डाली। इस बीच कई बार नोकझोंक हुई। एक दो स्थानों पर तो पुलिस को सख्त रुख अपनाना पड़ा।
फाटक के आगे की पटिया तोड़ने पर हाईवोल्टेज ड्रामा
अभियान जब कोतवाली के आगे पुल मंडी की ओर बढ़ा तो नाले पर पड़े ऊंचे जाल हटाए जा रहे थे। जेसीबी जब फाटक के सामने पटिया तोड़ने पहुंची तो गृहस्वामी व परिजन मोबाइल लेकर बाहर निकल आए और वीडियो बनाने लगे। किसी भी कीमत पर पटिया न तोड़ने की चेतावनी दी। अधिकारियों के आदेश पर जब जेसीबी पटिया तोड़ने लगी तो मामला धमकी तक पहुंच गया। कहा कि किसी के घर का रास्ता बंद करना कहां का कानून है। वह अधिकारियों को कोर्ट में खड़ा कर देेंगे। इस पर ईओ व सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि अतिक्रमण हटाया जा रहा है, किसी का रास्ता नहीं बंद किया जा रहा। आखिरकार जेसीबी गरजी और पटिया ढहा दी गई। छोटे-बड़े व्यापारी की पटिया टूटने से किसी के पास विवाद की वजह ही नहीं बची।
तीन मंदिरों को नोटिस
ईओ रश्मि भारती ने बताया कि फतेहगढ़ चौराहे से पुलमंडी तक तीन मंदिरों के सीढ़ियां नाली पर बनाई गई हैं। उन्हें स्वयं तुड़वाने के लिए नोटिस दिया जा रहा है। नाले का अतिक्रमण हटाया जाएगा।
दुकानदारों से वसूला गया जुर्माना
ईओ ने बताया कि दुकानदारों को समय देने के बावजूद न तो पटियां तोड़ी गईं और न ही टिनशेड हटाए गए। जेसीबी से अतिक्रमण हटवाने के साथ उनसे जुर्माना वसूला गया। जिन लोगों ने जुर्माना नहीं दिया, उनका जब्त किया गया सामान भुगतान जमा करने पर ही दिया जाएगा। जुर्माना राशि कम से कम 500 रुपये निर्धारित है।