शहर के ग्राम अजमतपुर में जांच के दौरान ग्रामीणों को समझाते लोकायुक्त टीम के डिप्टी एसपी राजाराम?
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फर्रुखाबाद। शहर से सटे गांव अजमतपुर के विकास कार्यों में हुए घोटालों की जांच को पहुंची लोकायुक्त की टीम ने शिकायतकर्ता, प्रधान और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। टीम के सदस्यों ने शिकायत में शामिल सचिवालय भवन के साथ रायपुर गांव में शौचालय भी देखे।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे लोकायुक्त के अन्वेषण अधिकारी/पुलिस उपाधीक्षक रहुल रूसिया और राजाराम यादव गांव में पहुंचे। उन्होंने एक गेस्ट हाउस में ग्राम विकास अधिकारी अशोक कुमार दुबे, ग्राम पंचायत अधिकारी शैलेंद्र कुमार त्रिपाठी और ग्राम प्रधान बीना पाल से पत्रावलियां मंगवाकर सत्यापन किया।शिकायतकर्ता मोतीलाल पाल के बयान भी दर्ज किए। इसके बाद सचिवालय भवन में गोलमाल का मौके पर सत्यापन किया। प्रधान ने टीम को बताया कि उन्होंने केवल प्रस्ताव भेजा था। जब पैसा ही नहीं आया, तो काम भी नहीं कराया गया। जबकि शिकायत में 90 हजार रुपये खर्च होने की बात कही गई है। टीम ने शिकायत में शामिल रायपुर गांव में शौचालयों को भी देखा, जो बने पाए गए। आवास बनवाने, नाला मरम्मत एवं निर्माण, प्रशासनिक व्यय, सफाई किट व स्ट्रीट लाइट लगवाने के संबंध में भ्रष्टाचार के मामले में भी जांच की।
एकाउंटेंट, वीडीओ एक सप्ताह में दें लेखा-जोखा
लोकायुक्त टीम ने एकाउंटेंट एवं वीडीओ को निर्देश दिए कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में इस कार्यकाल में जो भी विकास कार्य हुए हैं, उनका पूरा लेखा-जोखा एक सप्ताह में उपलब्ध करवाएं। इसके बाद संबंधित अफसर रिकार्ड जुटाने में लग गए हैं। प्रधान वीना पाल के पति बबलू का गांव में अच्छा रुतबा है। मौके पर जो भी लोग थे, वह प्रधान के पक्ष में ही अपनी बात कह रहे थे। कोई भी प्रधान के खिलाफ मुंह खोलने को तैयार नहीं हुआ। खास बात ये कि शिकायत करने वाले उनके ताऊ ससुर हैं। वह भी जांच टीम के सामने पूरे समय बैठे रहे। गांव में घूमते वक्त भी प्रधान और शिकायतकर्ता साथ रहे।