Chills increased, fear of potato scorching
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फर्रुखाबाद। मौसम हर रोज बदल रहा है। सोमवार को सुबह से ही बादल छा गए। इससे ठिठुरन और बढ़ गई। पछुवा हवाओं ने धूप सेंकने की आस भी तोड़ दी। नगर पालिका ने अलाव की संख्या नहीं बढ़ाई। रैन बसेरा में भी व्यवस्थाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। कई दिन से पड़ रहा पाला से आलू की फसल में झुलसा रोग लगने का डर किसानों को सता रहा है।
रविवार को खिली चटख धूप के बाद सोमवार को पूरे दिन बादल आते और जाते रहेे। सुबह से ही बर्फीली हवा चलने से लोग धूप में भी नहीं बैठ पाए। न्यूनतम तापमान छह डिग्री पर ही टिका रहा। गर्म कपड़ों में लिपटे लोग सूर्य ढलते ही घरों की ओर चले गए।
रोडवेज बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और पालिका सभागार में बने रैन बसेरा भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। शाम को ही बिस्तर फुल हो रहे हैं। नौ बजे के बाद आने वाले यात्रियों को फर्श पर ही रात काटनी पड़ती है। नगर पालिका सात स्थानों पर ही अलाव जलवा रही है। जिन्हें अभी तक बढ़ाया नहीं गया है।
बादल ने बढ़ाई आलू किसानों की चिंताएं
जिले में पिछली साल 47,500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की फसल बोई गई थी। बारिश के कारण इस साल अगैती आलू फसल में तगड़ा नुकसान हुआ है। लिहाजा इस बार रकबा घटकर 41 हजार हेक्टेयर पर आ गया। कई दिन से पाला पड़ने और अब बादल छाने से आलू में झुलसा रोग लगने की किसानों को आशंका सताने लगी है। लिहाजा किसान दवा का छिड़काव करने में जुट गए हैं।
शहर के घुमना पर सर्दी से बचने के लिए कूड़ा जलाकर हाथ सेंकते लोग। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD