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दहशत से नहीं उभर पा रहे बंधक बनाए गए बच्चे, गांव में लगी रही भीड़

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फर्रुखाबाद के गांव करथिया में बंधन मुक्त होने के बाद भयभीत बच्चे। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : FARRUKHABAD
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मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। बंधन मुक्त होने के बाद दूसरे दिन भी बच्चे दहशत से नहीं उबर पा रहे हैं। वह अधिकांश समय अपने घरों में ही रहे। जब उनसे कोई कुछ पूछता है तो बताने में घबराने लगते हैं। वहां पहुंचने वाले लोग भी उन बच्चों को देखना चाहते थे, जिन्हें सिरफिरे ने बंधक बनाया था।
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गांव करथिया में बंधक बनाए गए बच्चे रात एक बजे छूट गए थे। इसके बाद परिजन उन्हें घर ले गए। सुबह बच्चे देर से उठे। उससे पहले ही गांव में आसपास क्षेत्र के लोग सुभाष के घर व बंधक बनाए बच्चों को देखने पहुंचने लगे थे। गांव में पूरे दिन लोगों की भीड़ लगी रही। पड़ोसी आदेश की बच्ची शबनम भी बंधक बनाई गई थी। आदेश का घर सुभाष के घर के पास ही है। उसके घर के जीने के रास्ते लोग सुभाष के घर की छत पर पहुंच कर नजारा देखकर सुभाष को कोसते रहे। बच्चों से जब लोग बात करने के लिए पहुंचते तो वह बताने में हड़बड़ा रहे थे। उनके चेहरे पर दहशत नजर आ रही थी। परिजन भी ज्यादा कुछ बोल नहीं पा रहे थे। बस कह रहे थे सब भगवान की कृपा है कि बच्चे सुरक्षित हैं।
तहसीलदार ने गांव पहुंच कर बच्चों की बनाई सूची
फर्रुखाबाद। बंधक बनाए गए बच्चों की संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति थी। इसके चलते डीएम मानवेंद्र सिंह ने तहसीलदार राजू कुमार को गांव भेजकर बंधक बनाए गए बच्चों की सूची बनाने के निर्देश दिए थे। इसके चलते तहसीलदार राजू कुमार अपनी राजस्व निरीक्षक प्रमोद पांडेय के साथ गांव पहुंचे। वह बंधक बनाए गए बच्चों व उनके परिजनों से मिले और बातचीत की। इस तरह उन्होंने बंधक बनाए गए 25 बच्चों की सूची तैयार की। तहसीलदार राजू कुमार ने बताया कि सूचना डीएम को भेजी जाएगी।
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