फर्रुखाबाद के गांव करथिया में आरोपी सुभाष की बेटी गौरी को गोद में लिए बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष
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फर्रुखाबाद। पिता के आपराधिक कृत्य से चार साल की गौरी ने अपनी मां को भी खो दिया। गौरी के सिर से पिता और मां दोनों का साया हटने से वह अनाथ हो गई है। गौरी पुलिस की देखरेख में है। उसे किसको सौंपा जाए, इसका पुलिस अभी निर्णय नहीं कर पाई है। इससे महिला थाने की सिपाही के सुपुर्द किया गया है।
गांव करथिया निवासी सुभाष बाथम ने 25 बच्चों को बंधक बनाने से पहले अपनी इकलौती चार वर्षीय पुत्री गौरी का ख्याल नहीं किया। सुभाष के आपराधिक कृत्य का पत्नी रूबी ने विरोध नहीं किया। इसमें उसका साथ दिया। गुरुवार रात एक बजे पुलिस मुठभेड़ में सुभाष ढेर हो गया और उसकी पत्नी रूबी को गांव के लोगों ने जमकर पीटा। शुक्रवार भोर आठ बजे घायल रूबी की भी मौत हो गई। पुलिस ने गौरी को गुरुवार रात अपने कब्जे में रखा। शुक्रवार सुबह गौरी को महिला थाने की एक महिला सिपाही को देखभाल के लिए सौंप दिया गया। सीओ मोहम्मदाबाद राजवीर सिंह ने बताया कि गौरी अभी पुलिस सुरक्षा में है। उसे किसके सुपुर्द किया जाए और कहां भेजा जाए, इसका कोई निर्णय नहीं हुआ है। डीएम और एसपी निर्णय लेंगे।