चेयरमैन व ईओ पर उत्पीड़न का आरोप लगा खाया जहर, भर्ती
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। चिलौली में पालिका की तरफ से हुए सड़क निर्माण में मानक का सवाल उठाने पर नामजद हुए शख्स ने जहर खा लिया। उन्हें भर्ती कराया गया है। उनकी पत्नी ने नगर पालिका चेयरमैन, ईओ, जेई व दो अज्ञात लोगों के खिलाफ धमकी देने व आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
नगर के चिलौली रोड पर पालिका की तरफ से सड़क बन रही थी। 21 मई को सभासद सत्यपाल लोधी व उनके साथियों ने अमानक निर्माण बताकर विरोध किया था। तभी मोहल्ला बजरिया वृंदावन निवासी प्रदीप गुप्ता (50) भी वहां पहुंचे थे। वहां उनका ठेकेदार व जेई से विवाद हो गया था। इसके बाद नगर पालिका चेयरमैन सुनील चक ने सत्यपाल समेत पांच पर ठेकेदारों से मारपीट व जातिसूचक गालियां देने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
दूसरी तहरीर ईओ सीमा तोमर ने प्रदीप गुप्ता के खिलाफ दी थी। 24 मई की रात उन जेई से मारपीट में एससी/एसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज हो गई। शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे प्रदीप ने घर में ही जहर खा लिया। परिजनों ने उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया। सूचना पर एसडीएम अमित आसेरी व सीओ राजवीर सिंह गौर फोर्स के साथ पहुंचे।
सूचना पर भाजपा विधायक अमर सिंह खटिक, व्यापारी नेता संजय गुप्ता, उमेश गुप्ता, राजीव गुप्ता, हिंदू जागरण मंच नेता प्रदीप सक्सेना, भाकियू नेता मुन्नालाल सक्सेना, सपा जिलाध्यक्ष नदीम फारूकी आदि पहुंच गए। प्रदीप ने चेयरमैन व ईओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा कि सुबह वह टहलने निकले थे।
तभी एक बाइक पर आए दो लोगों ने उन्हें चेयरमैन व ईओ से भिड़ने पर और मुकदमे दर्ज कराने की धमकी दी। उन्हें व परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। प्रदीप के पास मिले पत्र में भी चेयरमैन व ईओ पर उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है।
प्रदीप की पत्नी मीरा गुप्ता ने चेयरमैन सुनील चक, ईओ सीमा तोमर, जेई मिथुन कुमार व दो अज्ञात पर जान से मारने की धमकी व आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कराया है। सीएचसी से प्रदीप को लोहिया अस्पताल ले जाया गया।
क्या कहते हैं पालिकाध्यक्ष व ईओ
नगर पालिका कायमगंज के चेयरमैन सुनील चक ने बताया कि उन पर प्रदीप गुप्ता ने जो आरोप लगाए हैं वह गलत हैं। प्रदीप पर दर्ज कराए गए मुकदमे से उनका कोई लेना देना नहीं है।
ईओ सीमा तोमर ने बताया कि चिलौली में सड़क निर्माण के दौरान प्रदीप गुप्ता ने जेई मिथुन कुमार के साथ मारपीट व गालीगलौज की थी।
इससे उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके बाद भी वह समझौते का प्रयास करती रहीं। प्रदीप समझौते को तैयार नहीं हुए। वे उन पर जो आरोप लगा रहे हैं, वह पूरी तरह गलत हैं।