पैगंबर ए इस्लाम की यौम-ए-पैदाइश पर जश्न-ए-मोहसिने इंसानियत सप्ताह का सोमवार को आगाज किया गया। इसमें साफ-सफाई, वृक्षारोपण, पानी का महत्व और हजरत मोहम्मद साहब के अमन व इंसानियत का पैगाम दिया गया। बच्चों ने नातिया कलाम और कुरआन की तिलावत का प्रदर्शन किया।
सोमवार को मोहल्ला शमसेर खानी में ख्वाजा अहसन अली एजूकेशनल सोसाइटी और अलनईम एजूकेशनल फाउंडेशन की तरफ से मोहम्मद शमीम खां ने कार्यक्रम का आगाज किया। संयोजक रईस अहमद खां ने जश्न-ए-मोहसिने इंसानियत सप्ताह मनाए जाने का उद्देश्य बताया। सह संयोजक रेहान अख्तर ने कहा कि रसूले अकरम ने जहां अमन व इंसानियत के पैगाम से आदर्श समाज की स्थापना करके दिखाई।
वहीं उन्होंने सामाजिक मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शरीअतम में सफाई रखना आधा ईमान का दर्जा रखता है। पेड़-पौधों और पानी की हिफाजत करने का भी पैगंबर ए इस्लाम ने पैगाम दिया है। इनकी देखरेख करना हमारा कर्तव्य है।
सपा नेता असलम शेर खां ने कहा कि 4 जनवरी तक चलने वाले कार्यक्रम में वृक्षारोपण, साफ-सफाई और यौम ए नवी की पूर्व संध्या पर घरों पर चिरांगा करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। फर्रुखाबाद वेलफेयर के सचिव खुर्शीद अहमद खां ने इस मुहिम से जुड़ने का आह्वान किया। अनस खां, हसन रजा, मुस्कान आदि ने कुरआन की तिलावत कर नातिया कलाम पेश किए। इस दौरान बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
इस अवसर पर हाफिज मोहम्मद नफीस ने अमन व प्रेम की दुआ मांगी। इस अवसर पर आबिद मंसूरी, फैसल रईस, नवी शेर खां, शारिक अली, आजाद खां, मोहसिन बाबू, शाहिद खान, शिफा, तसनीम और शुजात उल्लाह खां आदि मौजूद रहे।