दिन भर छाई रही धुंध और कोहरे ने आम जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया। दिन भर
चलीं शीत हवाओं ने जनमानस ही नहीं पशु-पक्षियों को भी परेशान करके रख दिया।
शीत लहर के चलते कमालगंज में एक वृद्धध की मौत भी हो गई। जिला प्रशासन अभी
भी सभी प्वाइंटों पर अलाव जलवाने में असफल साबित हो रहा है। पारा लुढ़ककर
5.5 पहुंच गया है।
रविवार रात से कोहरे ने शहर को आगोश में लेना शुरू कर
दिया था। सर्द हवाएं लोगों को ठिठुराती रहीं। सबसे ज्यादा दिक्कत रात में
यात्रा करने वाले यात्रियों को हो रही है। यह कोहरा और धुंध सोमवार को दिन
में भी छाया रहा। सुबह 11.30 बजे तक घना कोहरा होने के कारण सोमवार को
सरकारी दफ्तरों में लोग देर से पहुंचे।
इसके साथ ही बाजार भी देरी से खुले।
जगह-जगह दुकानदार अलाव तापते नजर आए। भीषण ठंड के चलते जानवर भी अलाव के
पास ही बैठे रहे। भीषण कोहरा पड़ने के चलते ट्रेनों के संचालन पर सोमवार को
भी प्रभाव पड़ा। कई ट्रेनों घंटों लेट आईं। ठंड में यात्री ठिठुरते रहे।
भीषण ठंड पड़ने के कारण लकड़ी के कोयले के दाम 38 से 40 रुपये पहुंच गए।
वहीं एक रुपये प्रति कंडा बिका। लकड़ी के दाम भी आठ से 10 रुपये पहुंच गए।
साहबगंज चौराहा, नाला मछरट्टा समेत कई प्वाइंटों पर अलाव जलते नजर नहीं
आए।
कालिंदी 9 घंटे लेट, यात्री परेशान
फर्रुखाबाद।
भीषण कोहरा के चलते कालिंदी समय से नहीं चल पा रही है। सोमवार को कालिंदी
नौ घंटे लेट आई। इसके अलावा उत्सर्ग समेत कई ट्रेनें लेट हुईं।
कोहरा ने
कालिंदी के पहियों पर ब्रेक सा लगा दिया है। करीब एक सप्ताह से रोजाना
कालिंदी लेट हो रही है। लेकिन दो दिन से तो कालिंदी एक्सप्रेस काफी देर से
आईं। रविवार को जहां कालिंदी 1.45 बजे आई तो वहीं सोमवार को कालिंदी सुबह 7
बजे के बजाए शाम 4 बजे आई।
इसके चलते यात्रियोें को भीषण ठंड में काफी
दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्री तो टिकटें वापस कर लौट गए। इसके
अलावा उत्सर्ग एक्सप्रेस दोपहर 1 बजे, जयपुर-लखनऊ सुबह 6.20 बजे के बजाए 10
बजे आई। वहीं शाम 5.15 बजे आने वाली मथुरा-छपरा एक्सप्रेस शाम 7.30 बजे तक
नहीं आई थी। रेलवे कर्मचारियों के अनुसार मथुरा-छपरा एक्सप्रेस के देर रात
तक आने की संभावना है।