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बैंकों में कैश कम, बढ़ सकता है रुपये का संकट

Tue, 29 Nov 2016 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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पीएनबी कमालगंज में कैश न होने का नोटिस चस्पा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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फर्रुखाबाद।
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जिले में करेंसी का संकट और गहरा सकता है। आरबीआई से अभी तक यहां 500 और 100 के नोटों की खेप नहीं पहुंची है। सबसे बड़ी एसबीआई की शाखा फतेहगढ़ में 2000 और 10-10 के नोट की करेंसी बची है। 100 व 50 के नोट यहां खत्म हो गए हैं।

वरिष्ठ शाखा प्रबंधक एसके पाठक का कहना है कि करेंसी कब आए। इसके बार में वह कुछ नहीं बता सकते। फिलहाल यहां एसबीआई की शाखाओं के सामने नोट का संकट उत्पन्न हो गया है। पैसा न होने के कारण आरबीआई से लगातार संपर्क साधा जा रहा है।
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उनका कहना है कि 500 के नोट की खेप कानपुर में आ गई है लेकिन फर्रुखाबाद में अभी तक नहीं भेजी गई है। वहीं दूसरी तरफ फर्रुखाबाद एसबीआई शाखा के प्रबंधक नरेंद्र कुमार का कहना है कि उनकी शाखा में 500 के नोट को छोड़कर हर तरह की करेंसी है। फतेहगढ़ शाखा में करेंसी खत्म होने की कगार पर है। सभी सरकारी खातों का संचालन भी इसी बैंक से होता है। बैंक के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक का कहना है कि आरबीआई 24 घंटे पहले सूचना देता है।

बैंक आफ इंडिया में छह घंटे लाइन में खड़े होने के बाद जब नंबर आया तो रुपये खत्म हो गए। इस पर महिलाओं ने हंगामा किया। इस दौरान पुलिस से महिलाओं की नोकझोंक भी हुई। महिला ने बताया कि बीमार बेटे के इलाज के लिए दो दिन से आ रही है लेकिन रुपये नहीं मलि रहे हैं।


थाना क्षेत्र के गांव सिकंदपुर तिहैया निवासी ओमप्यारी पत्नी देवजीत मंगलवार को कायमगंज रोड कंपिल स्थित बैंक आफ इंडिया में सुबह 9 बजे लाइन में लगी थी। उनके पीछे गांव की शशि देवी पत्नी सदाराम भी लगी थीं। लंबी लाइन होने के कारण यह लोग जब दोपहर 3 बजे बैंक के अंदर पहुंची तो पता चला कि कैश समाप्त हो गया।

इस पर महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामा होते देखकर वहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को रोका। इस पर नोकझोंक होने लगी। वहां भीड़ जमा हो गई। ओमप्यारी ने बताया कि उसके बेटे पूरन की तबियत खराब है। वह प्राइवेट अस्पताल इलाज के लिए गई तो डाक्टर ने बंद हुए नोट लेने से मना कर दिया।

इसके बाद वह बैंक में दो दिनों से आ रही है लेकिन उसे पैसे नहीं मिल पा रहे हैं। इस दौरान महिला ने बैंक कर्मचारियों के सामने काफी आरजू-मिन्नत की लेकिन मैनेजर ने साफ मना कर दिया कि कैश नहीं बचा। बुधवार को रुपये मिलेंगे। इसके अलावा शशि देवी ने बताया कि उसके पति का इलाज आगरा से चल रहा है। नोट न मिल पाने के कारण वह पति की दवा लेने के लिए नहीं जा पा रही है। बैंक मैनेजर ने बताया कि कैश समाप्त होने के कारण ग्रामीणों पैसे नहीं मिल पा रहे हैं।

रुपये निकालने के लिए मंगलवार सुबह से ही लोग बैंक पहुंचे और लाइन लगा ली। सुबह 10 बजे जब बैंकें खुलीं तो एक-दो को छोड़कर सभी बैंकों में नो कैश का बोर्ड देखकर लोगों ने हंगामा किया।


सेंट्रल बैंक में कैश न होने पर ग्राहकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी दौरान कुछ कदमों की दूरी पर स्थित बैंक आफ इंडिया का भी कैश खत्म हो गया तो यहां के ग्राहकों ने भी हो-हल्ला शुरू कर दिया। दोनों बैंकों के ग्राहकों के हंगामे से सड़क पर जाम की स्थिति पैदा हो गई।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे लोगों को शांत किया। ग्राहकों का कहना था कि रोज-रोज पूरे दिन लाइन में लगने के बाद भी पैसा नहीं मिल रहा है। हम लोगों के घरों में राशन नहीं है। ऐसे में वह लोग क्या करें।
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दोपहर 3 बजे सेंट्रल बैंक में पैसा आने पर बंटना शुरू हुआ। इसके अलावा नगर की एक्सिस, आईसीआईसीआई, इंडसंइड और पीएनबी आदि बैंकों में भी कैश न होने से दिकत्त रही। पीएनबी, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कायमगंज व मंडी समिति शाखा में दो-दो हजार रुपये दिए गए। स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा साप्ताहिक अवकाश होने के कारण बंद रही। गंाव बरझाला स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में लगभग एक हफ्ते से कैश न मिलने के कारण ग्राहकों में रोष व्याप्त है। भटासा स्थित बैंक  आफ इंडिया में भी कैश न होने के कारण ग्राहक कैश न मिलने से वंचित रहे।

 
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