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जिले में विपक्ष की बाजार बंदी रही असफल

Mon, 28 Nov 2016 11:05 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
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फतेहगढ़ में खुला बाजार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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 जिले में विरोधी दलों की बाजार बंदी असफल रही। फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों में सोमवार सुबह ही बाजार खुल गया। सिर्फ कांग्रेस को छोड़कर किसी भी विरोधी दल के नेताओं ने इसका विरोध नहीं किया। यही हाल कसबों का भी रहा।
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8 नवंबर को 1000, 500 नोट के बंदी के बाद विरोधी दलों ने एकजुट होकर 28 नवंबर को भारत बंद का आह्वान किया। लोगों को उम्मीद थी कि इस आह्वान का जिले में असर पड़ेगा लेकिन सोमवार को ऐसा देखने को नहीं मिला। फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों में व्यापारियों ने निर्धारित समय पर अपनी-अपनी दुकानें खोल लीं।

शहर का रेलवे रोड, त्रिपोलिया चौक, नेहरू रोड, सेठ गली, घुमना बाजार, लालसराय बाजार, लोहाई रोड, नितगंजा, पक्कापुल, होरीलाल मार्केट, फतेहगढ़ में कोतवाली रोड का मुख्य बाजार, चूड़ी वाली गली और भोलेपुर समेत सभी बाजार खुला रहा। बाजार बंदी के विरोध में कांग्रेसी नेताओं ने जरूर त्रिपोलिया चौक से लालदरवाजा फव्वारा तक जुलूस निकाला।
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उधर, कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार कसबा बाजार, गंगा गली, मिठाई गली और रजीपुर बाजार खुला रहा। यहां भी किसी दल के नेताओं और संगठनों ने बाजार बंदी करने के लिए जुलूस आदि नहीं निकाला। मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार कसबा बाजार, खिमसेपुर बाजार और मुरहास कन्हैया बाजार खुला रहा।

नवाबगंज प्रतिनिधि के अनुसार कसबा बाजार और अचरा बाजार, कंपिल प्रतिनिधि के अनुसार कसबा बाजार, सब्जी मंडी बाजार, गंगा रोड, रुदायन रोड, सिवारा बाजार और कटिया बाजार खुले रहे। कहीं भी किसी भी विरोधी दल के नेताओं ने बाजार खुलने का विरोध नहीं किया। न ही कहीं कोई जुलूस निकाला गया।

नोट बंदी के विरोध में कांग्रेसियों ने त्रिपोलिया चौक से पैदल मार्च निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। कांग्रेसियों का कहना था कि मोदी ने तानाशाही निर्णय लेकर जनता को परेशानी के दलदल में धकेल दिया है। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा।


सोमवार को कांग्रेसी त्रिपोलिया चौक पर एकत्र हुए। इसके बाद कांग्रेसियों ने पैदल मार्च शुरू किया। कांग्रेसी नेहरू रोड, घुमना बाजार और लालसराय से होते हुए लालदरवाजा स्थित फव्वारा के पास पहुंचे, जहां पैदल मार्च का समापन हो गया।

इस दौरान प्रदेश सचिव कौशलेंद्र यादव ने कहा कि 1000 व 500 के नोट बंद होने से देश की जनता कराहने लगी है। पर्याप्त मात्रा में बैंकों में नई करेंसी न होने से लोग परेशान हैं। बैंकों से लेकर एटीएम पर लोग लाइन लगाने को मजबूर हैं। पैसे के अभाव में बीमारी के चलते लोग दम तोड़ रहे हैं, शादियां टूट रही हैं।

जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि 2000 का नोट दुकानदार नहीं ले रहे हैं क्योंकि उनके पास लौटाने के लिए फुटकर पैसे ही नहीं हैं। जिला महामंत्री दिनेशचंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के इस निर्णय  की कांग्रेस निंदा करती है।

अनिल यादव ने कहा कि कांग्रेस नोट बंदी के खिलाफ नहीं, बल्कि जो व्यवस्था है उसके खिलाफ प्रदर्शन करती रहेगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य उमेश यादव, शुभम तिवारी, नगर अध्यक्ष नफीस हुसैन, अनुपमा शर्मा, बंटी गुप्ता, गौतम दुबे, वरुण त्रिपाठी, मुजम्मिल, आशीष तिवारी, शिवाशीष तिवारी और पुन्नी शुक्ल आदि मौजूद रहे।
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