शमसाबाद। ब्लॉक क्षेत्र के रामनगर गांव में पिछले तीन दिन में पांच लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। 50 से अधिक ग्रामीणों की तबीयत खराब है। जांच न होने से बीमारी और बुखार के कारणों का पता नहीं चल पा रहा है। ग्रामीणों में कोरोना की आशंका से दहशत है। पिछले एक माह में 11 लोग बीमारी से दम तोड़ चुके हैं।
गांव के कई लोग विभिन्न राज्यों व दूसरे शहरों में नौकरी करते हैं। पंचायत चुनाव में यह सभी मतदान करने गांव आए थे। कोरोना कर्फ्यू के चलते लौटकर नहीं गए। ग्रामीणों के मुताबिक इनकी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई जांच नहीं हुई। इससे किसी को पता नहीं चला कि इन्हें कोरोना संक्रमण है या नहीं। पंचायत चुनाव के दौरान कुछ ग्रामीणों को बुखार, जुकाम हो गया। इससे उनकी हालत बिगड़ने लगी। पिछले तीन दिन में पांच की मौत हो चुकी है। इसमें दो साल की एक बच्ची भी शामिल है। बीमार लोगों में कुछ लोगों के गले में सूजन होने से उनकी हालत गंभीर है। इसकी जानकारी अधिकारियों को दी गई है लेकिन किसी ने अभी तक सुधि नहीं ली।
विमलेश कुमार ने बताया कि गांव में बीमारी की जानकारी देने के लिए सीएचसी प्रभारी डॉ. धनसिंह को फोन किया। उन्होंने फोन नहीं उठाया।
सुुधीर कुमार ने बताया कि चुनाव के बाद कोई अधिकारी गांव की स्थिति देखने तक नहीं आया। गांव में सफाई व सैनिटाइजेशन कराया जाए।
राम नारायन ने बताया कि तीन दिन में पांच लोगों की मौत होने से गांव के लोग भयभीत हैं। प्रशासन ग्रामीणों की कोरोना जांच कराए और दवा वितरण करें।
पूर्व प्रधान सीमा अवस्थी ने बताया कि गांव में महामारी फैली है। कई ग्रामीणों की हालत खराब है। आज तक स्वास्थ्य टीम गांव नहीं पहुंची है।
‘गांव रामनगर के बारे में मुझे जानकारी नहीं थी। सोमवार को गांव में टीम भेजकर दवा बांटी जाएगी। गांव में सफाई कराकर सैनिटाइजेशन भी कराया जाएगा।’
विजय कुमार, खंड विकास अधिकारी, शमसाबाद
‘गांव की स्थिति के बारे में अधिकारियों को बता दिया गया है। प्रशासन से स्वास्थ्य टीम को गांव भेजने की मांग की है। अपने स्तर से गांव में सैनिटाइजेशन करा रहे हैं।’
अमन अवस्थी, प्रधान रामनगर