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नोडल अधिकारी की क्लास में बीएसए फेल

Wed, 28 Nov 2018 11:14 PM IST
farrukhabad
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बीएसए कार्यालय का निरीक्षण करते नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी। - फोटो : अमर उजाला
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जिले के नोडल अधिकारी नगर विकास सचिव जीएस प्रियदर्शी की क्लास में बीएसए फेल हो गए। सचिव के सवालों का जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। तीन साल से एक पटल पर तैनात कर्मचारियों के पटल परिवर्तन न करने पर सचिव ने बीएसए से नाराजगी जताई। विद्यालयों की मान्यता संबंधी फाइलों का लेखाजोखा न होने पर सीडीओ व एसडीएम सदर को जांच करने के निर्देश दिए। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा कार्यालय में निरीक्षण के दौरान अव्यवस्थाएं मिलने पर एक्सईएन से नाराजगी जताई।
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बुधवार को दो दिवसीय भ्रमण पर जिले में आए नोडल अधिकारी सचिव जीएस प्रियदर्शी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय का निरीक्षण किया। कार्यालय के नजदीक बने शिक्षक भवन के इस्तेमाल की सचिव ने बीएसए रामसिंह से जानकारी मांगी तो वह जवाब नहीं दे पाए। बीएसए कार्यालय परिसर में प्राथमिक विद्यालय है। इसमें अतिरिक्त कक्षा कक्ष बने हैं। इसमें एक कक्ष में साक्षर भारत मिशन का कार्यालय चलता मिला और दूसरे कक्ष में कबाड़ भरा था। सचिव ने यह देखकर नाराजगी जताई और कहा कि जिले में जिन स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष बने हैं। वह भी बच्चों के बैठने में इस्तेमाल हो रहे हैं। इसका प्रमाणपत्र उपलब्ध कराएं।
साक्षर भारत मिशन कार्यालय में 25 मार्च 2018 को असाक्षरों की हुई परीक्षा के आए प्रमाण पत्र रखे थे। इनको वितरण न कराने पर नाराजगी जताई। बीएसए भारत साक्षर मिशन योजना चालू है या बंद इस संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। सचिव ने प्रमाण पत्रों को 15 दिन में बंटवाने के निर्देश दिए।
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सचिव ने जूनियर व प्राइमरी स्कूलों की मान्यता संबंधी पत्रावलियां देखीं। आवेदनों के आने और निस्तारण व लंबित आवेदकों का कोई लेखा जोखा नहीं था। इस पर नाराजगी जताई और एसडीएम सदर व सीडीओ को जिन स्कूलों को मान्यता दी गई, उनके निरीक्षण के मानक की जांच करने को कहा। बीएसए कार्यालय में बिजली बोर्ड के खुले तारों को देखकर नाराजगी जताई। लिपिक ब्रह्मदत्त मिश्रा के कार्यालय में गंदगी मिलने पर सफाई के निर्देश दिए।

कार्यालय कर्मचारियों में से कुछ कर्मचारी कई साल से एक पटल पर डटे हुए हैं। शासनादेश के अनुसार तीन साल से एक पटल पर डटे कर्मचारियों के पटल परिवर्तित नहीं किए गए। इस पर सचिव ने बीएसए से जवाब मांगा तो वह उत्तर नहीं दे पाए। सचिव ने सीडीओ से पटल परिवर्तन न करने के मामले की जांच करने के निर्देश दिए। आउट आफ स्कूल योजना के तहत आए करीब आठ लाख रुपये समेत अन्य कुछ मदों में लाखों रुपये पड़े हैं। जिनका इस्तेमाल न होने पर नाराजगी जताई। सचिव ने बीएसए से स्कूलों में तैनात अनुदेशक, एकल विद्यालयों की स्थिति, शिक्षकों की तैनाती संबंधी स्थिति के संबंध में सवाल पूछे। बीएसए किसी भी सवाल का ठीक से जवाब नहीं दे  पाए। मातृत्व अवकाश रजिस्टर में आवेदन की तारीख न मिलने पर नाराजगी जताई।
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