भर्ती के लिए रिश्वत मांगी, फर्म को नोटिस
फर्रुखाबाद। पशु चिकित्सा विभाग में चालकों की भर्ती में रिश्वत मांगने का मामला सामने आने पर सीवीओ ने सेवा प्रदाता फर्म को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चालकों ने ठेकेदार से हुई रिश्वत मांगने की बातचीत का वीडियो भी वायरल किया था।
बहुउद्देश्यीय सचल पशु चिकित्सा सेवाओं के तहत पशु चिकित्सा विभाग में हाथरस की सेवा प्रदाता फर्म क्विक सिक्योरिटी सर्विसेस (इंडिया) के माध्यम से आठ चालकों की भर्ती की गई है। 19 अगस्त को सीवीओ कार्यालय में चालकों ने ठेकेदार के पास आवेदन जमा किए थे।
वहां खुलकर बात न होने से ठेकेदार ने चालकों को विकास भवन के नीचे परिसर में बुलाकर बातचीत की। चालकों ने रिश्वत मांगने का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसे अमर उजाला ने 20 अगस्त के अंक में प्रकाशित किया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.राजकिशोर सिंह ने इसका संज्ञान लेकर सेवा प्रदाता फर्म को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। खास बात तो यह है कि तीन वर्ष से विभाग में लगे चालकों को अभी सात माह का मानदेय भुगतान भी नहीं किया गया है।
चालक सुबोध कुमार, किशन, मुकेश, राघवेंद्र व दाउद का आरोप है फर्म के कर्मचारी ने भर्ती के नाम पर 30-30 हजार रुपये मांगे थे। विकास भवन के बाहर टिनशेड के नीचे लगे कैमरे में बातचीत रिकार्ड हो गई है। इसके फुटेज देखे जाएं तो मामला साफ हो जाएगा। जिन चालकों ने रिश्वत दी, उन्हें नौकरी मिल गई। जो पैसा देने में असमर्थ थे, उन्हें बाहर कर दिया गया।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.राजकिशोर सिंह ने बताया कि रिश्वत मांगने के मामले में सेवा प्रदाता फर्म से जवाब मांगा गया है। फर्म ने चार चालक पुराने व चार नए की भर्ती की है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।