पुराने विकास कार्यों में लाखों का गोलमाल
फर्रुखाबाद। डीपीआरओ ने बढ़पुर की ग्राम पंचायत गुतासी का शुक्रवार को निरीक्षण किया। इस दौरान पुराने विकास कार्यों में हुए लाखों के गोलमाल की पोल खुल गई। बिना निर्माण कराए ही शौचालय व रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्लांट का भुगतान कर दिया गया था। डीपीआरओ ने सचिव से स्पष्टीकरण तलब किया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार सिंह ने ग्राम पंचायत गुतासी स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्लांट बना नहीं मिला और दिव्यांग शौचालय जर्जर हालत में था। इसके बाद भी तत्कालीन प्रधान द्वारा इस मद में एक लाख 91 हजार रुपये ग्राम पंचायत निधि से भुगतान किया जा चुका है। प्रधानाध्यापक ने जब वर्तमान प्रधान से शौचालय निर्माण के लिए कहा तो मामला खुला।
पंचायत घर का निर्माण बंद मिलने पर डीपीआरओ ने सचिव से नाराजगी जताई। पूछताछ में सचिव ने बताया कि पंचायत घर में निर्माण सामग्री सप्लाई का टेंडर हुआ था, जबकि पूर्व प्रधान बिना टेंडर के ही निर्माण करा रहे हैं।
इस पर डीपीआरओ ने सचिव से पंचायत घर निर्माण की पत्रावली तलब कर ली। ग्राम प्रधान आशीष मिश्रा ने बताया कि पंचायतघर के निर्माण को लेकर सचिव उन्हें गुमराह करता रहा। बिना टेंडर के ही पूर्व प्रधान से पंचायत घर का निर्माण कराया जा रहा है।
अधिकार सीज, पूर्व प्रधान ने कर दिया समूह का अनुबंध
डीपीआरओ के निरीक्षण में सामुदायिक शौचालय से समूह की केयर टेकर महिला गायब थी। बताया गया कि पूर्व प्रधान ने मार्च में अनुबंध किया था जबकि तीन माह पहले 25 दिसंबर को ही कार्यकाल पूरा होने से प्रधानों के अधिकार सीज हो चुके थे। इससे प्रशासक को अनुबंध करना था। खास बात तो यह है कि केयर टेकर पूर्व प्रधान की भतीजी को भुगतान भी किया जा चुका है।
जांच कराकर समूह से रिकवरी कराई जाएगी
डीपीआरओ विनय कुमार सिंह ने बताया कि गुतासी के विकास कार्यों में काफी अनियमितता पर सचिव प्रमोद शुक्ला से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच कराकर समूह से रिकवरी भी कराई जाएगी। बताया कि ग्राम पंचायत अमेठी कोहना में सड़क अधूरी बनी मिली। इस पर जांच के लिए पत्रावली तलब की गई है।
इसके अलावा गांव कुंवरपुरघाट का निरीक्षण किया। वहां पंचायतघर का निर्माण शुरू नहीं किया गया और विकास कार्य भी दयनीय हालत में मिले। निरीक्षण के दौरान एडीओ पंचायत सत्यनारायण सिंह मौजूद रहे।