फर्रुखाबाद। सातनपुर मंडी मार्ग स्थित भवन में अवैध तरीके से कोचिंग सेंटर चल रहा था। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कोचिंग सेंटर का पंजीकरण नहीं है। जिस समय घटना हुई, उस समय लगभग 50 विद्यार्थी कोचिंग सेंटर में मौजूद बताए गए।
सातनपुर मंडी मार्ग पर दो-तीन माह से द सन लाइफ सेल्फ स्टडी प्वाइंट संचालित है। कोचिंग सेंटर खोलने से पहले उसका जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य होता है। इसके साथ ही सेंटर पर अग्निशमन यंत्र आदि भी लगे होने चाहिए। मगर इस कोचिंग का जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण नहीं है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सेंटर पर अग्निशमन यंत्र भी नहीं लगे थे।
विभागीय सूत्रों ने बताया कि जिले में करीब 800 से ज्यादा कोचिंग संचालित हैं, जबकि जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के रिकॉर्ड में महज 17 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं। जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि कोचिंग सेंटर संचालकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। अवैध व अमानक चल रहे कोचिंग सेंटर बंद कराए जाएंगे।
सांसद के गांव के चाचा ने खरीदा था भवन
फर्रुखाबाद। विस्फोट की प्रकृति और तीव्रता को लेकर हर तरफ चर्चा का माहौल गर्म है। वहीं, इमारत के प्रयोग के बारे में भी पुलिस छानबीन करती रही। इस बीच सांसद मुकेश राजपूत ने बताया कि दो-तीन महीने पहले ही उनके गांव के एक चाचा ने इमारत को खरीदा था।
इसमें कोचिंग चलाने के लिए योगेश पाल और रविंद्र शर्मा को किराये पर दे दिया था। चाचा इस वक्त गांव में ही हैं। इस इमारत में पहले अस्पताल संचालित था। चर्चा है कि अस्पताल में रखी एक्सपायर्ड दवाएं सेफ्टी टैंक में डालने से भी विस्फोट हो सकता है। हो सकता है कि दवा डालने से केमिकल रिएक्शन हुआ हो, गैस बन गई हो और विस्फोट हो गया हो। (संवाद)