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Farrukhabad News: पांच मिनट पहले होता हादसा तो जाती कई बच्चों की जान

Sun, 05 Oct 2025 12:36 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-26,कोचिंग के भीतर डेस्क के बीच दबे बच्चों के स्कूल बैग।संवाद
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फर्रुखाबाद। सेंट्रल जेल चौराहा के पास कोचिंग सेंटर के बाहर हुए धमाके में दो छात्राें की जान चली गई। जबकि सात घायल हो गए। यदि यह हादसा पांच मिनट पहले हुआ होता तो कई और बच्चों की जान को खतरा हो सकता था।
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पास के प्राथमिक स्कूल की छुट्टी होने पर बच्चे इसी रास्ते से होकर पांच मिनट पहले ही गुजरे थे। शनिवार दोपहर तीन बजे प्राथमिक विद्यालय नारायनपुर की छुट्टी हुई थी। विद्यालय घटनास्थल से मात्र 200 मीटर की दूरी पर है। स्कूल के कई बच्चे नारायनपुर, सातनपुर, घारमपुर आदि मोहल्ले के रहने वाले हैं। यह बच्चे इसी रास्ते से महज पांच मिनट पहले ही गुजरे थे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक आलोक कुमार बताते हैं कि उन्होंने स्कूल की छुट्टी की। इसके बाद बच्चे अपने घरों को चले गए। अचानक दोपहर 3:10 बजे बहुत तेज धमाका हुआ। वह अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी कर धमाके की दिशा में दौड़ पड़े। उन्हें भय था कि कहीं स्कूल का कोई बच्चा तो इस धमाके की चपेट में नहीं आ गया।
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उन्होंने बताया कि पटाखे चलाने के दौरान जैसा धुआं उठता है, वैसा ही धुआं चारों ओर छा गया। कुछ देर तक तो कुछ समझ में ही नहीं आया। वह कोचिंग के सामने पहुंचे तो दीवार के बड़े-बड़े टुकड़े सड़क के पार पड़े हुए थे। वहीं, दो छात्रों को बुरी तरह घायल देखकर वह बेचैन हो गए। आसपास के लोग भी धमाके वाली जगह की ओर दौड़ पड़े। बताया कि पांच मिनट पहले यदि धमाका हुआ होता तो स्कूल के करीब 20-25 बच्चे हताहत हो सकते थे।





प्रत्यक्षदर्शी बोले-लगा बम या ट्रक का टायर फट गया



फर्रुखाबाद। सेंट्रल जेल चौराहा के पास स्थित सन कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में शनिवार को हुए भीषण धमाके की गूंज ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि दो किलोमीटर दूर तक सुनाई दी।
आसपास के लोगों को लगा जैसे किसी बड़े बम का धमाका हुआ हो। लोगों ने कहा कि धमाके से कई घरों की खिड़कियां हिल गईं और लोगों में अफरातफरी मच गई।

प्रत्यक्षदर्शी अवनीश कुमार, जो घटनास्थल से लगभग 50 मीटर दूर रहते हैं। उन्होंने बताया कि वह उस वक्त इटावा-बरेली हाईवे पर हैप्पी मोटर्स में मौजूद थे। उन्होंने बताया कि अचानक इतनी जोरदार आवाज आई कि लगा जैसे पास में किसी ने बड़ा सुतली बम फोड़ दिया हो। कुछ ही देर बाद घर से फोन आया कि सामने कोचिंग में धमाका हो गया है। जब घर पहुंचा तो बाहर का नजारा देख दंग रह गया।

वहीं सुनील सिंह, जो घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर अपनी कार में बैठे थे। उन्होंने बताया कि पहले तो लगा जैसे किसी ट्रक का टायर फटा है, लेकिन अगले ही पल चारों ओर धूल और धुआं छा गया। जब धुआं थोड़ा कम हुआ तो देखा कि दीवारों और टिन के टुकड़े चारों ओर बिखरे पड़े हैं। एक टुकड़ा तो मेरी कार के पास आ गिरा। गनीमत रही कि कोई नुकसान नहीं हुआ।







दीवारों और फर्श पर खून, बिखरी पड़ी थीं किताबें

फर्रुखाबाद। कोचिंग सेंटर में हुए भीषण धमाके के बाद का नजारा दिल दहला देने वाला था। मौके पर पहुंचने वाले लोग सिहर उठे।
इमारत के अंदर एल्युमीनियम फर्नीचर के टुकड़े, टूटी दीवारों के बड़े हिस्से और बिखरी किताबें हादसे की भयावहता को बयां कर रहे थे। धमाके के बाद मौके पर पहुंचे लोग अपने बच्चों को ढूंढते नजर आए। चारों ओर सन्नाटा और धुआं छाया हुआ था।



भूतल पर बने कोचिंग सेंटर के कमरे में बच्चों की चप्पलें, बिखरे बैग और फटी किताबें इधर-उधर पड़ी थीं। कई डेस्क के नीचे बैग दबे मिले, जबकि फर्नीचर का मलबा और शीशे के टुकड़े ऊपर तक फैले हुए थे। दीवारों और फर्श पर खून की बूंदें साफ दिखाई दे रही थीं।
यह दृश्य देखकर लोग द्रवित हो उठे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विस्फोट के समय सेंटर में अधिकतर 8 से 14 वर्ष तक के बच्चे पढ़ रहे थे। धमाके के साथ ही तेज आवाज और दबाव से चारों ओर के शीशे टूटकर बच्चों पर गिर पड़े।



छात्र अभय बोला-बाहर से पत्थर और शीशे आकर लगे



अस्पताल में भर्ती घायल छात्र निखिल ने बताया कि मुझे कुछ समझ नहीं आया। अचानक तेज आवाज हुई और चारों ओर अंधेरा छा गया। वहीं अभय ने कहा कि मैं कोचिंग पढ़ने गया था। तभी अचानक बाहर से पत्थर और शीशे आकर लगे। मैं डर गया और नीचे झुक गया।
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