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फसलों की आफत बनते झूलते तार, सुधार का इंतजार

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गांव हरसिंहपुर में झूलते तार। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर। ग्रामीण इलाकों में खेतों के ऊपर से निकले 11 केवी के झूलते तारों को पोल लगाकर ऊंचा करने का काम नहीं कराया गया। गर्मियों में तेज हवा चलने पर तार आपस में टकराकर टूटकर गिरते हैं। इससे खेत में खड़ी फसल में आग लगने की घटनाएं अक्सर होती हैं। वहीं, लोगों के भी करंट की चपेट में आने का भी डर बना रहता है। यह तार गर्मियों में ग्रामीणों के लिए फिर आफत बनेंगे।
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ग्रामीण इलाकों में खेतों के ऊपर से 11 केवी की लाइन निकली है। एक पोल से दूसरे पोल की दूूरी अधिक होने और तार पुराने होने से जर्जर होकर झूल रहे हैं। इन झूलते तारों को ऊंचा करने के लिए विभाग की ओर से पोल नहीं लगवाए गए। गिरीरामपुर, हरसिंहपुर गहलवार, अमृतपुर, करनपुर दत्त, कुम्हरौर, अमैयापुर, चपरा, मोहद्दीपुर, बरुआ, हमीरपुर, गाजीपुर समेत कई गांवों में यह स्थिति है। साल 2021 में गर्मियों में तेज हवा चलने से अमृतपुर, मोहम्मदाबाद, शमसाबाद, कमालगंज क्षेत्र में तार टूटने की घटना से किसानों की गेहूं की फसलें जल गई थीं। तब अधिकारियों ने तारों को ऊंचा करवाने का किसानों को आश्वासन दिया था। झूलते तारों को पोल लगाकर ऊंचा नहीं किया गया। इस साल भी गर्मी के मौसम में तेज हवा चलने पर यह झूलते तार किसानों के लिए आफत बनेंगे। इससे किसान परेशान हैं।
गिरीरामपुर निवासी ज्ञान प्रकाश ने बताया कि उनके खेत के ऊपर से 11 केवी की लाइन निकली है। एक पोल से दूसरे पोल की दूरी काफी है। इससे तार झूल कर काफी नीचे लटक रहे हैं। इनको ऊपर करने के लिए बीच में पोल लगवाने की मांग की थी लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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गिरीरामपुर निवासी रहीशपाल ने बताया कि खेतों के ऊपर से निकली 11 केवी लाइन के गर्मी में तेज हवा चलने से तार आपस में टकराते हैं, कभी तो वह टूट कर गिर जाते तो कभी चिंगारी गिरती है। जिससे गेहूं की फसल जलने का डर रहता है।
एक्सईएन सुरेंद्र कुमार ने बताया कि तारों को ऊंचा करवाने और गांव में बंच केबल डलवाने समेत कई कार्य के प्रस्ताव बनाकर भेजे हैं। प्रस्ताव पास होकर आने के बाद काम कराया जाएगा।
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