शहर के लिंजीगंज अस्पताल के बाहर रखा ट्रांसफार्मर। संवाद
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फर्रुखाबाद। ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि व जर्जर बंच केबल बदलने का प्रस्ताव पास ने होने से इस बार गर्मी में फिर बिजली समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ेगा। ओवलोड ट्रांसफार्मर फुंकने तथा केबल टूटने से बार-बार बिजली ठप होगी।
शहरी क्षेत्र को बिजली देने के लिए सात विद्युत उपकेंद्र बने हैं। 600 से अधिक ट्रांसफार्मर जगह-जगह लगे हैं। गर्मी में खपत अधिक होने से कुटरा और पांचालघाट विद्युत उपकेंद्र और शहर के 70 ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं। कई मोहल्लों में पड़ा बंच केबल जर्जर हो गया है, ये भी गर्मी में लोड बढ़ने पर टूटकर गिर जाता है। इसे देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने दोनों उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के लिए पांच-पांच एमवीए का एक-एक ट्रांसफार्मर लगाने, शहर के 42 ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि करने तथा दस हजार किलोमीटर बंच केबल बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
मंशा थी कि सर्दी में यह काम होने से गर्मी में शहरियों को निर्बाध आपूर्ति हो सकेगी। शासन से छोटे वाले 42 ट्रांसफार्मरों में से आठ की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव ही मंजूर हुआ। बाकी किसी प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिला। इससे इस बार फिर गर्मी में बिजली संकट खड़ा होगा।
‘बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कई प्रस्ताव बनाकर भेजे गए थे, प्रस्तावों को स्वीकृति न मिलने से काम नहीं हो पाया है। आठ ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि हुई है। उनको लगवा दिया गया है। रिवैम योजना में कई प्रस्ताव बनाकर भेजे गए हैं।’
- आरबी यादव, अधिशासी अभियंता विद्युत शहरी खंड