नवाबगंज। सोशल मीडिया पर माफिया अनुपम दुबे के समर्थन में टिप्पणी करना भारतीय किसान यूनियन स्वराज गुट के जिलाध्यक्ष को महंगा पड़ गया। पुलिस ने उनका शांतिभंग में चालान कर दिया।
सोशल मीडिया पर माफिया अनुपम दुबे के समर्थन में टिप्पणी करने वालों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बीते दिन ठेकेदार शमीम हत्याकांड में गवाह रहे फजल मंसूरी की तहरीर पर फतेहगढ़ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। रिपोर्ट में सोशल मीडिया पर जिन साइटों से टिप्पणियां हो रहीं हैं, उनके नाम दिए गए थे। इसी मामले में पुलिस ने भाकियू जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्र को हिरासत में ले लिया।
रविवार को पुलिस ने भाकियू जिलाध्यक्ष प्रमोद मिश्रा का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल कराया। डॉ. लोकेश शर्मा ने जिलाध्यक्ष का मेडिकल किया। इसके बाद हल्का प्रभारी गिरीश कुमार पुलिस बल के साथ जिलाध्यक्ष को एसडीएम सदर के कोर्ट में पेश करने ले गए। थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडेय ने बताया कि माफिया अनुपम दुबे के समर्थन में टिप्पणी करने के मामले में भाकियू जिलाध्यक्ष को हिरासत में लिया गया है। सीएचसी में उनका मेडिकल करवाकर न्यायालय भेजा दिया गया है।