फर्रुखाबाद। जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में सीओपी (कार्ड ऑफ प्रैक्टिस) नंबर वाले वकील ही पदों पर दावेदारी कर सकते हैं। बिना सीओपी नंबर वाले वकील चुनाव नहीं लड़ सकते, लेकिन उनको मतदान करने का अधिकार मिलेगा। यह निर्णय बार एसोसिएशन सभागार में हुई बैठक में अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव ने लिया है।
जिला बार एसोसिएशन के पदों पर चुनाव कराने के लिए मतदाताओं की सूची 19 मार्च को प्रकाशित की गई थी। इसमें कई युवा वकीलों के नाम सीओपी नंबर न होने से शामिल नहीं किए गए। मतदान का अधिकार छीने जाने का विरोध कर युवा वकीलों ने निर्वाचन समिति सदस्य डॉ. दीपक द्विवेदी को ज्ञापन दिया था। इसको लेकर अध्यक्ष विश्राम सिंह यादव की अध्यक्षता में बुधवार को सभागार में आम सभा की बैठक हुई। इसमें संयुक्त सचिव राजेंद्र यादव, सोनू मिश्रा, शिखर सक्सेना, शेर सिंह ने युवा वकीलों को मतदान का अधिकार दिए जाने पर विचार रखे।
निर्वाचन समिति सदस्य डॉ. दीपक द्विवेदी ने कहा कि जिनके पास सीओपी नंबर नहीं है, वह जिला न्यायालय से अधिवक्ता कोड जरूर प्राप्त कर लें। वकीलों के विचार सुनने के बाद अध्यक्ष ने कहा कि मार्च में जो मतदाता सूची जारी हुई है। उससे मतदान नहीं होगा। वर्ष 2020 में बनी मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराया जाएगा। जिनके पास सीओपी नंबर नहीं है, वह मतदान तो कर सकते हैं, लेकिन चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। जिन वकीलों ने अभी तक सदस्यता शुल्क जमा नहीं किया है। वह 25 अप्रैल तक शुल्क जमा कर सकते हैं। बैठक में हुए निर्णय के बाद बार एसोसिएशन का चुनाव टलना तय हो गया है। इस दौरान महा सचिव संजीव पारिया, श्यामवीर सोमवंशी, अनूप शाक्य समेत अन्य वकील मौजूद रहे।