बैंक हड़ताल : 250 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
फर्रुखाबाद। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो दिनी हड़ताल के पहले दिन सोमवार को बैंकों में 250 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। शाखाओं में तालाबंदी रही। रेलवे रोड स्टेट बैंक शाखा पर तमाम कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने धरना देकर प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार बैंकों का निजीकरण करके जनता को लूटना चाहती है। बैंक कर्मचारी ऐसा कतई नहीं होने देंगे। इसके लिए चाहे जो भी कुर्बानी देनी पड़े। कर्मचारी नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के मंत्री केदार साह ने कहा कि बैंकों का निजीकरण आम जनता के साथ धोखा है। कहा कि सरकार को अपना फैसला वापस लेना ही होगा। विजय अवस्थी ने कहा कि निजीकरण बर्दाश्त नहीं है। हमें बेमियादी हड़ताल भी करनी पड़ी, तो पीछे नहीं हटेंगे।
आशय अवस्थी ने भी आंदोलन की हुंकार भरी। पीएनबी अधिकारी संगठन के नेता दीपक राज अरोड़ा ने कहा कि सरकार की मंशा साफ नहीं है। जानबूझ कर सरकारी संस्था को निजी हाथों में बेच रही है। जनता के अधिकारों को छीनने की योजना है। सेंट्रल बैंक के मयंक गुप्ता ने कहा कि जनता का अहित नहीं होने देंगे। सिद्धार्थ दुबे, सुमित अग्निहोत्री, रजत शर्मा आदि ने संबोधित किया।
धरना प्रदर्शन में आनंद कुमार, विनोद कुमार, निखिल मिश्र, पुष्पेंद्र सिंह, सुवेंद्र सिंह, संजीव कुमार, राकेश पाल, गौरव सत्यार्थी, रामनरेश आदि तमाम कर्मचारी मौजूद थे।
सरकारी बैंकों के एटीएम दे गए दगा
महीने का दूसरे शनिवार, फिर रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को हड़ताल रहने से सरकारी बैंकों के सभी एटीएम दगा दे गए। किसी में भी पैसा नहीं रहा। लिहाजा शटर गिरा दिए गए। लोगों को पैसा निकालने में खासी दिक्कत हुई।
प्राइवेट बैंकों में रही भीड़, एटीएम बने सहारा
शहर में कई स्थानों पर प्राइवेट बैंकों के अलावा निजी कंपनियों के एटीएम भी लगे हैं। इन एटीएम में लोग पैसा निकालते दिखे। इससे लोगों को कुछ राहत मिली।
डिजिटल लेनदेन से राहत
बैंकों की लगातार तीसरे दिन भी बंदी रहने से तमाम व्यापारियों का खातों में न तो पैसा जमा हो सका और न ही निकाला जा सका। लोगों ने डिजिटल लेनदेन करके काम चलाया।