कमालगंज (फर्रुखाबाद)। स्कूल में चुटपुटिया फुलाने के दौरान गुब्बारे का टुकड़ा गले में फंसने से छात्र बेहोश हो गया। शिक्षक बेहोश छात्र को लेकर सीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
ब्लाॅक क्षेत्र के ग्राम पंचायत बहोरा के मजरा नगला निवासी जबर सिंह राजपूत का आठ वर्षीय पुत्र जगतराम राजपूत गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा दो में पढ़ता था। मध्यावकाश के समय गुरुवार सुबह करीब 11 बजे स्कूल में घर से लाए गुब्बारे से खेल रहा था। गुब्बारा फूटने के बाद उसकी चुटपुटिया बनाने लगा। इसी दौरान गुब्बारा उसके गले में जाकर फंस गया। सांस लेने में दिक्कत हुई तो वह पानी पीने को भागा। टोंटी के पास पहुंचते ही वह बेहोश होकर गिर पड़ा।
छात्रों ने सूचना प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह, सहायक अध्यापक गीतांजली वर्मा को दी। शिक्षक ने छात्र के पिता जबर सिंह को बुलाया और बेहोशी की हालत में उसे सीएचसी ले गए। अस्पताल में डॉक्टर ने छात्र को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम प्रसाद, बीईओ सुरेश चंद्र, नायब तहसीलदार मोनिका तिवारी अस्पताल पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। जहानगंज थाने से आए दरोगा रामबाबू सिंह ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
बीएसए बोले, घटना की होगी विभागीय जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
कमालगंज। स्कूल में छात्र की चुटपुटिया बनाते समय गुब्बारे का टुकड़ा गले में फंसने के बाद मौत की घटना पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गौतम प्रसाद ने दुखद जताया। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक ने तत्परता से परिजनों को बुलाया। एंबुलेंस से छात्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए, फिर भी घटना की विभागीय जांच कराई जाएगी।
खंड शिक्षा अधिकारी सुरेशचंद्र ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय बहोरा के प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह वर्ष 2010, यानी 14 साल से बहोरा विद्यालय में सेवारत हैं। प्रधानाध्यापक ने उन्हें मोबाइल से तुरंत सूचना दी। इधर, घटना के बाद सांसद मुकेश राजपूत ने पहुंच छात्र के पिता जबर सिंह को सांत्वना दी। मां सीमा देवी व भाई- बहन के आंसू नहीं थम रहे हैं। जगतराम छह भाई-बहनों में चौथे नंबर का था। भाई दीपक (18), दिनेश (16), अंश (1), बहन नीलम (14) व लक्ष्मी (6) हैं।
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गले में नहीं जा सका पानी, नल के पास जमीन में गिर पड़ा
प्रधानाध्यापक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि मिड-डे-मील में रोटी व दाल बनी थी। भोजन के बाद बच्चों ने आकर जानकारी दी कि फूटे गुब्बारे की चुटपुटिया बनाने के दौरान जगतराम के गले में गुब्बारा चला गया। वह पानी पीने के लिए टंकी के नल की ओर भगा। टोंटी खोलते समय वह जमीन पर गिर गया।