फर्रुखाबाद। दहेज हत्या के मामले में सेशन न्यायालय ने आरोपी सास रामवती और ससुर रामसरन की जमानत अर्जी खारिज कर दी। सेशन न्यायाधीश नीरज कुमार ने दोनों के प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई की।
थाना कंपिल में दाताराम ने 6 जून को कंपिल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ललिता की शादी वर्ष 2024 में राहुल से हुई थी। पति, सास-ससुर दहेज में एक लाख रुपये और सोने की चेन मांगकर उसे प्रताड़ित करते थे। 5 जून को ललिता की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बचाव पक्ष ने झूठा फंसाने और आत्महत्या का तर्क दिया। अभियोजन ने दहेज उत्पीड़न और सात वर्ष के भीतर हुई अस्वाभाविक मृत्यु को आधार बनाया। न्यायालय ने केस डायरी, गवाहों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट देखी। प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर मानते हुए अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।