फर्रुखाबाद। आचार संहिता लगने व सीएमओ का स्पष्ट आदेश न होने से जनपद में रविवार को आयुष्मान मेला अधर में लटका रहा। कुछ अस्पतालों में बैनर हटाकर स्वास्थ्य सेवाएं दी गईं। वहीं अधिकतर अस्पतालों में ताले लटकते रहे।
शासन के निर्देश पर रविवार को सीएचसी व पीएचसी में आयुष्मान मेले का आयोजन कर मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही थीं। शनिवार को लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लागू हो गई। आयुष्मान मेले में लगे बैनरों पर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के फोटो भी छपे थे। स्वास्थ्य विभाग के ग्रुप पर आयुष्मान मेला बंद करने के संबंध में सीएमओ ने कोई भी आदेश जारी नहीं किया।
वहीं, डिप्टी सीएमओ की ओर से ग्रुप पर टाइप कर डाले गए मैसेज में लिखा आदर्श आचार संहिता लागू होने से सीएमओ के आदेश पर आयुष्मान मेला अग्रिम आदेशों तक स्थगित किया जाता है। टाइप किए हुए दूसरे आदेश में लिखा है कि बैनर-पोस्टर हटाकर पूर्व की भांति स्वास्थ्य सेवाएं जारी रहेंगी। शाम पांच बजे से पहले आरोग्य मेले के पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड की जाए।
यह रही अस्पतालों की स्थिति
फतेहगढ़ सीएचसी में दोपहर एक बजे डॉ.बृजेश मिश्र मरीज देख रहे थे। अस्पताल में कोई बैनर व पोस्टर नहीं लगा था। शहर के पीएचसी साहबगंज में ताला लगा मिला। अस्पताल के सामने दुकानदार ने बताया कि 12:30 बजे कर्मचारी ताला लगाकर चला गया। पीएचसी आईटीआई, नवदिया, भोलेपुर का ताला खोला ही नहीं गया। सीएचसी बरौन में आयुष्मान मेला नहीं लगा, जबकि पीएचसी रमन्नागुलजार बाग में दोपहर दो बजे तक मरीज देखे गए। शमसाबाद सीएचसी व क्षेत्र के सभी पीएचसी बंद रहे। कंपिल क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरखेड़ा में भी ताला लगा रहा। सभी अस्पतालों में पहुंचे मरीज मायूस होकर लौटते रहे। एसीएमओ डॉ.दलवीर सिंह ने बताया कि सीएमओ के स्टेनों ने व्हाटसएप ग्रुप पर आयुष्मान मेला न लगने संबंधी मैसेज डाला था। इस संबंध में शासन से कोई स्पष्ट आदेश नहीं हैं। भ्रम की स्थिति में कई जगह पीएचसी बंद रहीं।