फर्रुखाबाद। श्री कैलाश सेवा संस्थान के प्रमुख आचार्य डॉ. प्रदीप नारायण शुक्ला ने बताया कि देवोत्थान एकादशी की तिथि एक नवंबर को सुबह 9:11 से प्रारंभ होकर अगले दिन 2 नवंबर को सुबह 7:31 बजे तक रहेगी।
एकादशी के साथ विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत आदि मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी। कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि को देवोत्थान एकादशी पर देव चार महीने की योग निद्रा त्याग कर सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं। ऐसे में एकादशी व्रत गृहस्थ लोग शनिवार को करेंगे। वहीं वैष्णव आदि लोग उदिया तिथि एकादशी व्रत के साथ देवोत्थान दो नवंबर को मनाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस दिन भगवान शालिग्राम और देवी तुलसी का विवाह भी होगा। भगवान शालिग्राम की पूजा के विषय और शुभ मुहूर्त की जानकारी देते हुए बताया कि इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 तक रहेगा। अमृत काल सुबह 11:17 बजे से दोपहर 12:51 बजे तक रहेगा। रवि योग सुबह 6:33 बजे से शाम 6:20 बजे तक रहेगा। (संवाद)