शासन ने शस्त्र नवीनीकरण और विरासत के लिए जो नये नियम लागू किए हैं, उनसे शस्त्र मिलना फिलहाल मुश्किल है। अभी तक आवेदनकर्ता हैंडलिंग प्रमाण पत्र लगाते थे, लेकिन अब उन्हें शस्त्र चलाकर दिखाना होगा। इसके बाद ही नवीनीकरण और वसीयत में शस्त्र लाइसेंस का नवीनीकरण होगा।
पुलिस कप्तान सुभाष सिंह बघेल ने बताया कि जिन आवेदनकर्ताओं के फार्म यहां जमा हैं उन्हें रविवार को सुबह 9 बजे सेना के फायरिंग सेंटर पर पहुंचकर फायर करके दिखाना होगा। इसके बाद ही शस्त्र लाइसेंस के संबंध में विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग शस्त्र चलाने में अक्षम हैं उनके लाइसेंस का अब नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। तमाम प्रक्रियाओं से गुजरकर आवेदनकर्ता को शस्त्र लाइसेंस दिया जाएगा।
एसपी ने बताया कि प्रकाश में आया है कि ऐसे लोगों के पास भी लाइसेंस हैं जो कि उन्हें चलाने में अक्षम हैं। ऐसे वृद्ध और बुजुर्गों के लाइसेंस अब परीक्षण के बाद ही नवीनीकरण किए जाएंगे। एसपी ने कहा कि फायरिंग रेंज पर न पहुंचने पर आवेदनकर्ताओं के आवेदन पर फिर विचार करना मुश्किल होगा।