गंगा का जलस्तर खतरे की ओर बढ़ता जा रहा है। रविवार को गंगा के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई। इससे गांवों में पानी भरना शुरू हो गया है।
रविवार को गंगा का जलस्तर 136.70 से 136.75 मीटर पर पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर हो गया। इससे अमृतपुर और शमसाबाद क्षेत्र के गांवों मेें गंगा का पानी भरना शुरू हो गया है। गंगा में रविवार को नरौरा से 157340, हरिद्वार से 68666, बिजनौर से 95157 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। नरौरा से छोड़े गए पानी की मात्रा अधिक होने के कारण जलस्तर के बढ़ने की आशंका है।
रामगंगा का जलस्तर 135.10 मीटर पर है। रामगंगा में 9841 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार तीसराम की मढै़या निवासी सुरेश चंद्र, रामऔतार, सूरजपाल, सर्वेश, राजपाल, विजय पाल, अलवर, वीरेंद्र, रतीराम, मिहीलाल, रामप्रकाश, सहदेव, गुड्डू के खेत गंगा की तेज धारा में कट गए हैं। कुड़री सारंगपुर गांव के अंदर पानी भरना शुरू हो गया है। गांव करनपुर, माखन नगला, राम प्रसाद का नगला, फकरपुर, मंझा की मढै़या, भाऊपुर चौरासी, कुसुमापुर, लायकपुर, रतनपुर, सवलपुर, इमादपुर, सोमवंशी, बरूआ, गौटिया, सुंदरपुर, कछुआ गाढ़ा में पानी पहुंच गया है।
कटरी तौफीक और मंगलीपुर की रोड कटने और रास्ते में पानी भरा होने के कारण दोनों गांवों का आवागमन बंद है। इसके लिए प्रशासन से नाव की मांग की गई थी। नाव न मिलने पर गांव के लोग पानी में घुसकर आने -जाने के लिए मजबूर हैं।