पुलिस के बूटों की थाप से सुबकते रहे बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
शहर के लिए शनिवार की शाम दहशत एवं तनाव लेकर आई। सुबह राजी खुशी दुकानें खुलीं। अमन चैन कायम दिखा, लेकिन शाम को शहर की फिजां में तनाव घुल गई। आपस में गलबहियां करने वाले लोग एक-दूसरे के खून के प्यासे नजर आए।
हालात तो तब ज्यादा खराब नजर आए, जब कोतवाली गली से ताबड़तोड़ पथराव होने लगा। हालत यह हो गए कि कोतवाली के लोग भी जहां जगह मिली वहीं दुबक गए। हालांकि बाहरी फोर्स के आने के बाद पुलिस एवं पीएसी के जवानों ने लाठियां फटकार कर उपद्रवियों को खदेड़ दिया। इसके बाद भी देर रात तक लोग घरों की खिड़कियों से झांकते नजर आए। इन चेहरों पर सांप्रदायिक तनाव का भय साफ नजर आ रहा था।
जो जहां था वहीं से अपने परिजनों का हालचाल लेने लगा।
युवक की पिटाई के बाद कोतवाली पहुंचे दोनों पक्ष ने एक-दूसरे को सबक सिखाने की कोशिश की। दोनों तरफ से पथराव और फायरिंग के बीच पहुंचे क्षेत्राधिकारी नगर आलोक सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने मामले पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन उपद्रवी उपद्रव को और गति देते गए।
उपद्रवियों की स्थिति को देखकर मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी कर्ण सिंह और एसपी राजेशकृष्ण ने पथराव और फायरिंग के बीच मोर्चा संभाला तथा चेतावनी दी कि यदि किसी भी व्यक्ति ने कानून से खिलवाड़ करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पीएसी ने लाठियां पटककर भीड़ को खदेड़ा। उपद्रवी अफसरों के सामने भी ईंट-पत्थर चलाकर फायर करते रहे।
समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों के बीच वार्ता चल रही है। अभी किसी पक्ष की ओर से रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है। डीएम व एसपी कोतवाली में डेरा डाले हैं। शहर भर में पुलिसफोर्स गश्त करके दोनों संप्रदायों की गतिविधियों पर नजर रखे है।