फर्रुखाबाद। त्योहार पर मिलावटी खाद्य पदार्थों पर सख्ती करने वाला सुरक्षा विभाग भी मिलावटखोरों पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। नमूना लेने के बाद जांच रिपोर्ट आने में एक से दो माह बीत रहे हैं। तब तक मिलावटी खाद्य पदार्थ बाजार में बिक जाते हैं।
गत वित्तीय वर्ष में विभाग ने खाद्य पदार्थों के 363 नमूने लेकर जांच कराई। प्रयोगशाला की जांच में 191 नमूने फेल हो गए। वहीं, नमूना लेने के बाद बची हुई खाद्य सामग्री बिकती रही। इससे लोगों की सेहत से खिलवाड़ भी होता रहा।
वहीं इस वर्ष सितंबर तक 241 नमूने लेकर जांच कराई गई। भेजी गई जांच रिपोर्ट में 56 नमूने फेल हैं। इन खाद्य पदार्थों के भी नमूने लेने के बाद बची हुई सामग्री दुकान से खरीदकर घरों में उपयोग होती रही। इससे साफ है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ भी नमूने भरने के बाद भी बाजार में ही खप जाते हैं और लोगों की सेहत बिगाड़ रहे हैं।
सीज की गई खाद्य सामग्री का भी हिसाब नहीं
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मिलावट होने के शक में कई बार सरसों का तेल सीज कर चुकी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि नमूना फेल भी हो जाता है, तो सीज किया गया तेल व अन्य सामग्री कहां गई, इसका कोई पता भी नहीं चलता। अब दिवाली का पांच दिवसीय त्योहार नजदीक आते ही नमूना लेने का अभियान तेज कर दिया है।
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नमूना लेने के बाद जांच रिपोर्ट 15 दिन में आनी चाहिए, लेकिन एक से डेढ़ माह लग जाता है। सीज की हुई खाद्य सामग्री का न्यायालय के आदेशानुसार निस्तारण किया जाता है। अभी तक सीज सामग्री रिलीज करने या नष्ट कराने की जानकारी नहीं है। नमूने लेने के बाद सभी खाद्य सामग्री सीज नहीं की जा सकती। कुछ खाद्य पदार्थ मौके पर भी नष्ट कराए जाते हैं। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार की कार्रवाई की जाती है।
-अक्षय प्रधान, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी फर्रुखाबाद।
छेना, रसगुल्ला व पेड़े सहित चार नमूने लिए
फर्रुखाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए अभियान चलाया। इस दौरान छेना, रसगुल्ला व पेड़ा सहित चार नमूने लिए गए।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवदास सिंह, विनोद कुमार व अरुण कुमार मिश्र ने अभियान चलाया। टीम ने कैंट में राजपूतधानी रेस्टोरेंट के निकट स्थित लक्ष्य अग्रवाल के प्रतिष्ठान से रिफाइंड सोयाबीन तेल व पेडे का नमूना लिया।
छिबरामऊ रोड जहानगंज स्थित सरोजनी देवी की दुकान से रसगुल्ला, संजीव कुमार की दुकान से छेना का नमूना लिया गया। इस दौरान 50 किलो छेना व 25 किलो रसगुल्ला खाने योग्य न होने से नष्ट कराए गए। वहीं सचल खाद्य प्रयोगशाला के माध्यम से शहर में रेलवे रोड स्थित दुकानों से बर्फी, पेड़ा, लड्डू, नमकीन, सोयाबीन तेल आदि के 18 नमूने लेकर जांच की गई। (संवाद)