बीईओ शमसाबाद ने बीएसए को स्कूलों के निरीक्षण की रिपोर्ट भेजी है। इसमें परिषदीय स्कूल के कई शिक्षक, शिक्षिकाओं समेत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के पूरे स्टॉफ के मानदेय रोकने की संस्तुति रिपोर्ट बीएसए से की है।
बीईओ वेगीश गोयल ने भेजी रिपोर्ट में कहा है कि 3 जुलाई को प्राथमिक विद्यालय पसियापुर में निरीक्षण किया। यहां सहायक अध्यापक अर्चना एक जुलाई से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित मिलीं। प्रधानाध्यापक अभिषेक ओमर की मिलीभगत से शिक्षामित्र कुसुमा के फर्जी हस्ताक्षर कराने की पुष्टि हुई। इस पर प्रधानाध्यापक और शिक्षामित्र को भविष्य में पुनरावृत्ति न करने की कड़ी चेतावनी दी गई।
अनुपस्थित शिक्षिका का एक दिन का वेतन काटने की संस्तुति की गई। 4 जुलाई को पूर्व माध्यमिक विद्यालय रजलामई में पहुंचे तो स्कूल में फोटोयुक्त फ्लैक्सी बैनर नहीं लगा मिला। प्राथमिक विद्यालय पपड़ी खुर्द में लोकशिक्षा केेंद्र पर महिला प्रेरक बेबी यादव अनुपस्थित मिलीं। प्रेरक के पिता को बुलाकर उपस्थित रजिस्टर और केंद्र का अन्य सामान प्रधानाध्यापक को देने के निर्देश दिए गए। प्रेरक के अनुपस्थित दिनों का मानदेय काटने और प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
वहीं पूर्व माध्यमिक विद्यालय बरझाला में 7 बच्चे ही मौके पर मौजूद मिलने पर प्रधानाध्यापक कैसर बेगम, सहायक अध्यापिका सुमन कुमारी व कविता की जुलाई की वेतन वृद्धि रोकने की संस्तुति की गई है। प्राथमिक विद्यालय परतापुर तराई में 5 जुलाई को निरीक्षण के दौरान परिसर में किचेन शेड की स्थिति जर्जर मिली।
वहीं 4 जुलाई को कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में केवल वार्डन भावना गंगवार, पार्टटाइम टीचर विनोद शुक्ला व मुख्य रसोइया नीरज ही मौके पर मौजूद मिली थी। 92 नामांकन के सापेक्ष कोई भी छात्रा स्कूल में मौजूद नहीं थी। जबकि 22 जून से स्टॉफ को विद्यालय में आने और अभियान चलाकर 30 जून तक छात्राओं को स्कूल में लाने के आदेश बीएसए ने दिए थे। बीएसए संदीप चौधरी ने बताया कि लापरवाह शिक्षक-शिक्षिकाओं पर कार्रवाई होगी।