मां खेरेश्वरी देवी हाथी देवी मंदिर के बाबा ने एक युवक से मोबाइल पर एक करोड़ से अधिक के मादक पदार्थ बेचने की डील की। मामला पुलिस के आला अफसरों के संज्ञान में पहुंचा तो बुधवार देर रात स्वाट टीम व कोतवाली पुलिस ने मंदिर पर दबिश देकर दो बाबा व एक साध्वी को वहां से उठा लिया।
पुलिस ने मामले की छानबीन कर एक आरोपी बाबा के खिलाफ मादक पदार्थ बेचने के आरोप में माल बरामद कर रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार देर रात स्वाट टीम एक युवक को साथ लेकर आई। टीम ने कोतवाली पुलिस के साथ मंदिर पर छापा मारा। पुलिस ने वहां से दो बाबा व एक साध्वी को उठा लिया।
पता चला है कि बाबा श्यामस्वरूप ने एक युवक से फोन पर एक करोड़ से अधिक के मादक पदार्थ को बेचने की डील की थी। बाबा से बात करने वाला युवक पुलिस के संपर्क में आ गया। पुलिस ने बाबा के मोबाइल को सर्विलांस पर लगा दिया। इसके आधार पर स्वाट टीम व पुलिस ने छापा मारकर वहां मौजूद सभी को उठा लिया।
पुलिस के मुताबिक बाबा श्यामस्वरूप मादक पदार्थ के धंधे में संलिप्त है। उसे एक अन्य युवक माल सप्लाई करता है। उसकी पुलिस को तलाश है। कस्बा चौकी प्रभारी दिनेश भारती, मंडी चौकी प्रभारी श्वेता शर्मा, दरोगा रहीस खान ने पुलिस फ़ोर्स के साथ छापा मारकर बाबा श्यामस्वरूप को 521 ग्राम नशीले पाउडर सहित गिरफ्तार कर लिया है।
इंस्पेक्टर जेपी शर्मा ने बताया कि श्यामस्वरूप की गिरफ्तारी हुई है। अन्य बाबा का कोई दोष नहीं है। गिरफ्तार किए गए बाबा को माल सप्लाई करने वाले युवक की तलाश है। पुलिस उसे पकड़ने का प्रयास कर रही है।
मां खेरेश्वरी हाथी देवी मंदिर पर कोई महंत नहीं था। करीब 5 वर्ष पहले दो बाबा व एक साध्वी वहां आकर रहने लगीं। मंदिर की जगह पर साफ-सफाई हुई तो कुछ लोगों ने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए चंदा भी दिया और वहां एक भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया।
वर्ष 2017 में एक डॉक्टर व बाबा के बीच मारपीट हो गई। दोनों एक दूसरे को फंसाने की जुगत में लग गए। दोनों ने मंदिर की भूमि पर कब्जे के आरोप भी लगाए थे। डॉक्टर ने बाबा के खिलाफ हमला कर घायल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
बाबा ने भी डॉक्टर को भी फ़ंसाने के कई बार प्रयास किए। पिछले वर्ष एक महिला ने डॉक्टर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था, लेकिन सीसीटीवी कैमरे से पूरा मामला उजागर हो गया था।
प्रभारी निरीक्षक जेपी शर्मा ने बताया गिरफ्तार आरोपी श्यामस्वरूप हाथरस का मूल निवासी है। उस पर वहां कुछ मुकदमे दर्ज हैं। वहां के थाने से रिकार्ड मांगा गया है। आरोपी का सही नाम विनोद जाटव है। कुछ वर्षों से नाम बदलकर वह मंदिर में रहने लगा।