कमालगंज। उल्टी व पेट दर्द होने पर युवती को कस्बे के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां हालत बिगड़ने पर चिकित्सक ने दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। अस्पताल से निकलते ही युवती की मौत हो गई। घटना से परिजन बेहाल हो गए। पिता ने अस्पताल में ऑक्सीजन न होने व इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव गुलरिया निवासी रामगोपाल राजपूत खेती करता है। रविवार देर रात उसकी पुत्री मालती (22) को उल्टी हुई। इसके बाद पेट दर्द होने लगा। सोमवार सुबह करीब 10 बजे मालती को रामगोपाल व मां शशि देवी कस्बा के हनुमान मंदिर के पास स्थित एक निजी अस्पताल में ले गई जहां उसका इलाज किया गया। हालत बिगड़ने पर दोपहर करीब 1:30 बजे चिकित्सक ने मालती को दूसरे अस्पताल ले जाने की बात कही। करीब दो बजे मरीज को लेकर परिजन अस्पताल से निकले ही थे कि मालती ने दम तोड़ दिया।
परिजन शव लेकर थाने पहुंचे। पिता रामगोपाल ने अस्पताल में ऑक्सीजन न होने व इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा तहरीर दी। पुलिस शव को लेकर सीएचसी पहुंची। इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने परिजनों से पूछताछ की। रामगोपाल ने बताया कि अस्पताल में 3500 रुपये की दवाई दी। पुत्री का पेट फूलने लगा तो डॉक्टर ने कहा कि उनके पास ऑक्सीजन नहीं है। मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी। छुट्टी करने पर भी 2000 रुपये लिए गए।
इंस्पेक्टर ने मामले की सूचना जहानगंज थाना पुलिस को दी। वहां से आई पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर राजीव कुमार ने बताया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।